अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव अब बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सीधी चेतावनी के बाद अमेरिकी वायुसेना और नौसेना के फाइटर जेट्स ने ईरान के करीब 20 सैन्य ठिकानों पर बमबारी की है। इस हमले के जवाब में ईरान की सेना ने भी खाड़ी देशों में बने अमेरिकी ठिकानों की तरफ मिसाइलें और ड्रोन दाग दिए हैं, जिससे कुवैत, बहरीन और जॉर्डन जैसे पड़ोसी देशों में हड़कंप मच गया है।
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अमेरिका ने ईरान के किन ठिकानों को बनाया निशाना?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक जानकारी देते हुए बताया कि अमेरिकी नौसेना और वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास ईरानी हवाई रक्षा प्रणाली, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और रडार साइटों को निशाना बनाया है। इस कार्रवाई में ईरान के लगभग 20 ठिकानों पर सीधे हमले किए गए हैं। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने साफ किया है कि यह कार्रवाई ईरान पर समझौते के लिए दबाव बनाने और अमेरिकी हितों की रक्षा के लिए की गई है।
ईरान का पलटवार और खाड़ी देशों पर इसका असर
अमेरिकी हमलों के तुरंत बाद ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने इस हमले की निंदा की और कहा कि वे अपनी संप्रभुता पर हुए इस हमले का पूरा जवाब देंगे। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी सैन्य बेस और खाड़ी क्षेत्र के अन्य 21 ठिकानों को निशाना बनाकर रातभर हमले किए हैं। इस तनाव के बीच जॉर्डन की सेना ने अपनी सीमा में आ रही 5 मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया है। कुवैत और बहरीन में रहने वाले प्रवासी भी इस अचानक बढ़े तनाव के कारण चिंतित हैं क्योंकि यह पूरा इलाका अब युद्ध की चपेट में आता दिख रहा है।
तनाव बढ़ने की मुख्य वजह क्या है?
इस पूरे विवाद की शुरुआत 8 जून 2026 को हुई जब हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास अमेरिका का एक अपाचे हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। अमेरिका ने इसका सीधा आरोप ईरान पर लगाया था। इसके बाद 9 जून को अमेरिका ने शुरुआती हवाई हमले किए और अब 10 जून को राष्ट्रपति ट्रंप के आदेश के बाद ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी गई है। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने हमले नहीं रोके, तो खाड़ी क्षेत्र में इससे भी ज्यादा भयानक और बड़े हमले किए जाएंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका और ईरान के बीच ताजा विवाद की वजह क्या है?
8 जून 2026 को हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर मार गिराया गया था, जिसका जिम्मेदार अमेरिका ने ईरान को ठहराया और इसके बाद जवाबी सैन्य हमले शुरू कर दिए।
ईरान के पलटवार से किन खाड़ी देशों पर असर पड़ा है?
ईरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में बने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइलें दागी हैं, जिसमें जॉर्डन ने 5 मिसाइलों को हवा में नष्ट किया है।
