ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा संघर्ष और अधिक गहरा गया है। 29 जुलाई 2026 को आई रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के साथ जारी इस विवाद में अमेरिका अपने उद्देश्यों को पूरा करने में कामयाब नहीं हो पाया है। इस बढ़ते तनाव के बीच, क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों में भी तेज़ी आई है।

हमले और जवाबी कार्रवाई का सिलसिला

क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं क्योंकि 29 जुलाई को जॉर्डन की वायु रक्षा प्रणालियों ने ईरान द्वारा दागी गई पांच बैलिस्टिक मिसाइलों को रोका। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया कि ये मिसाइलें मुवाफ्फक साल्टी एयर बेस और अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुख्यालय को निशाना बनाने के लिए थीं। जवाब में, अमेरिका और सऊदी अरब की सेना ने पूर्वी इराक में ईरान समर्थित गुटों के ठिकानों पर हमला किया।

क्षेत्रीय सुरक्षा और भविष्य की चुनौतियां

ईरान की ओर से लगातार मिसाइल हमले किए जा रहे हैं, जबकि अमेरिकी सेना को अपने मिसाइल इंटरसेप्टर भंडार के कम होने की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा, ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ओमान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के संयुक्त प्रबंधन के प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। ईरान का कहना है कि इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर सिर्फ ईरान और ओमान का नियंत्रण होना चाहिए। हाल ही में अमेरिकी नौसेना द्वारा लगाए गए नाकेबंदी और जहाजों पर हुए हमलों ने खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और व्यापार के लिए जोखिम बढ़ा दिया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.