अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी टीम के बीच ईरान को लेकर बड़ी बहस छिड़ गई है। ट्रंप पिछले 11 हफ़्तों से चल रही बातचीत से खुश नहीं हैं और अब वह फिर से सैन्य कार्रवाई करने के बारे में सोच रहे हैं। इस बीच अमेरिका और इसराइल ने अपनी सुरक्षा बढ़ा दी है जिससे पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है।

ट्रंप प्रशासन में क्या विवाद है और क्या है नई योजना?

CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप प्रशासन के अंदर इस बात पर मतभेद है कि ईरान के साथ कैसे आगे बढ़ना चाहिए। न्यूयॉर्क टाइम्स ने बताया कि ट्रंप के करीबी सलाहकारों ने सैन्य हमलों की योजना तैयार कर ली है। इस योजना की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • हवाई हमले: ईरान के अंदर सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचे पर बड़े पैमाने पर एयरस्ट्राइक की तैयारी है।
  • विशेष ऑपरेशन: खार्ग द्वीप (Kharg Island) जैसे तेल निर्यात केंद्रों पर कब्ज़ा करने और परमाणु सामग्री की खोज के लिए स्पेशल ऑपरेशन चलाए जा सकते हैं।
  • शांति प्रस्ताव का विरोध: ट्रंप ने ईरान के ताजा शांति प्रस्ताव को “कचरा” और “अस्वीकार्य” बताया है क्योंकि इसमें परमाणु कार्यक्रम को लेकर पुख्ता गारंटी नहीं है।

ईरान और अन्य देशों का इस स्थिति पर क्या कहना है?

ईरान और अन्य देशों ने इस तनावपूर्ण माहौल पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका की बातों में गंभीरता नहीं है और उनके संदेश बार-बार बदल रहे हैं। वहीं ईरान के संसदीय स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबफ ने साफ कर दिया कि उनकी सेना किसी भी हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

दूसरी तरफ सऊदी अरब ने तनाव कम करने की अपील की है। सऊदी विदेश मंत्रालय के डॉ. राएद करमली ने कहा कि सऊदी अरब बातचीत और तनाव कम करने के प्रयासों का समर्थन करता है। उन्होंने मीडिया में आने वाली उन खबरों से बचने की चेतावनी भी दी जो उनके आधिकारिक रुख के खिलाफ हैं।

चीन और इसराइल की क्या भूमिका है?

डोनाल्ड ट्रंप हाल ही में चीन की यात्रा पर गए थे, जहाँ उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग से चर्चा की। जिनपिंग ने विवाद सुलझाने में मदद की पेशकश की और परमाणु हथियारों के मुद्दे पर अमेरिका की बात से सहमति जताई। वहीं इसराइल और अमेरिका मिलकर सुरक्षा की बड़ी तैयारी कर रहे हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि अमेरिका की गोलाबारी ने ईरानी सेना और उनके रक्षा उद्योग को काफी कमजोर कर दिया है जिससे ईरान की हमला करने की क्षमता कम हुई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ट्रंप प्रशासन ईरान के खिलाफ क्या सैन्य कदम उठा सकता है?

ट्रंप प्रशासन ईरान के सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले और खार्ग द्वीप जैसे रणनीतिक स्थानों पर कब्ज़ा करने के लिए विशेष ऑपरेशन चलाने की योजना बना रहा है।

सऊदी अरब का इस विवाद पर क्या रुख है?

सऊदी अरब ने स्पष्ट किया है कि वह बातचीत के जरिए तनाव कम करने के पक्ष में है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने का समर्थन करता है।