अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को समझौता करने के लिए सिर्फ दो से तीन दिन का समय दिया है। दूसरी तरफ ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर जंग फिर शुरू हुई तो दुनिया को कई बड़े सरप्राइज देखने को मिलेंगे। खाड़ी देशों में भी इस स्थिति को लेकर काफी चिंता है क्योंकि युद्ध का असर पूरी दुनिया पर पड़ सकता है।

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ट्रंप का अल्टीमेटम और खाड़ी देशों का दखल

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को समझौता करने के लिए 22 या 23 मई तक की समय सीमा तय की है। ट्रंप ने खुलासा किया कि उन्होंने 19 मई को ईरान पर होने वाले एक सैन्य हमले को फिलहाल टाल दिया था। उन्होंने यह फैसला कतर के अमीर, सऊदी क्राउन प्रिंस और UAE के राष्ट्रपति की अपील के बाद लिया। इन देशों के नेताओं को डर था कि अमेरिकी हमले के बाद ईरान उनके तेल और गैस प्लांट जैसे जरूरी बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकता है। ट्रंप ने साफ कहा है कि ईरान का परमाणु हथियार बनाना रोकना उनकी सबसे बड़ी शर्त है और अगर डील नहीं हुई तो अमेरिका पूरी ताकत से हमला करेगा।

ईरान की चेतावनी और अमेरिका के नुकसान का दावा

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी है कि ईरान ने पिछली लड़ाइयों से बहुत कुछ सीखा है और अब वह पहले से ज्यादा तैयार है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी कांग्रेस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, Operation Epic Fury के दौरान अमेरिका के कम से कम 42 विमान तबाह हुए हैं जिनकी कीमत अरबों डॉलर है। ईरान ने यह भी दावा किया कि उसकी सेना ने अमेरिका के सबसे आधुनिक F-35 स्टील्थ फाइटर जेट को सफलतापूर्वक मार गिराया। वहीं, IRGC ने कहा है कि किसी भी नए हमले का जवाब ऐसा होगा जो इस इलाके से बहुत दूर तक फैलेगा और ऐसी जगहों पर वार होगा जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और मौजूदा स्थिति

इस बीच अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि बातचीत में प्रगति हो रही है, लेकिन अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है। उन्होंने भरोसा दिया कि यह कोई ऐसी जंग नहीं होगी जो सालों तक चले। दूसरी तरफ, चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping और रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने बीजिंग में मुलाकात की। उनकी चर्चा का मुख्य केंद्र ईरान और अमेरिका के बीच का यह विवाद और वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा रहा। वहीं अमेरिकी सीनेट में राष्ट्रपति ट्रंप की युद्ध शक्तियों को सीमित करने के लिए एक प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमला क्यों टाला

सऊदी अरब, कतर और UAE के नेताओं ने अपील की थी कि हमले से उनके ऊर्जा बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंच सकता है, जिसके बाद ट्रंप ने इसे टाल दिया।

ईरान ने अमेरिका के खिलाफ क्या दावे किए हैं

ईरान का दावा है कि उन्होंने अमेरिकी F-35 फाइटर जेट को गिराया है और अमेरिका ने इस संघर्ष में अपने 42 विमान खो दिए हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.