अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को आज रात तक का समय दिया है कि वह होरमुज़ के समुद्री रास्ते को जहाजों के लिए खोल दे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो अमेरिका ने ईरान के सभी बिजली घरों और पुलों को पूरी तरह से खत्म करने की चेतावनी दी है। इस बीच अमेरिका और इसराइल ने ईरान के कई इलाकों में अपने हमले काफी तेज कर दिए हैं, जिससे आम लोगों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी है।

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ट्रंप का ईरान को नया अल्टीमेटम और क्या है मौजूदा मांग

अमेरिका ने साफ कर दिया है कि अगर मंगलवार रात तक समझौता नहीं हुआ तो बड़ी तबाही हो सकती है। ईरान की तरफ से भी कड़ा रुख अपनाया जा रहा है और उन्होंने अमेरिका के 45 दिनों के युद्धविराम के प्रस्ताव को मानने से साफ इनकार कर दिया है।

  • डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार रात 8 बजे (ईटी) तक की समय सीमा तय की है।
  • ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए अपना खुद का 10 सूत्रीय प्लान पेश किया है।
  • ईरान अब होरमुज़ के रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से करीब 20 लाख डॉलर यानी 16 करोड़ रुपये से ज्यादा की फीस वसूलना चाहता है।
  • ईरान ने सऊदी अरब की तरफ भी 7 मिसाइलें दागी थीं, जिन्हें सऊदी के सुरक्षा सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया।

ईरान में हमलों से कितनी तबाही और क्या कहते हैं नियम

पिछले 24 घंटों में हमलों की तीव्रता बहुत बढ़ गई है। ईरान के खार्ग द्वीप पर बने तेल निर्यात केंद्र पर दर्जनों हमले किए गए हैं। इसके अलावा यूनिवर्सिटी और रेलवे स्टेशन जैसे नागरिक इलाकों पर भी बम गिरने की खबरें आ रही हैं, जो अंतरराष्ट्रीय नियमों के खिलाफ है।

विवरण ताज़ा आंकड़े और जानकारी
कुल मौतें अब तक लगभग 3,600 लोग मारे गए हैं
आम नागरिकों की मौत करीब 1,665 आम लोगों की जान गई है
निशाना बने स्थान बिजली घर, पुल, रेलवे स्टेशन और तेल डिपो
संयुक्त राष्ट्र का रुख नागरिक ठिकानों पर हमला युद्ध अपराध माना जाता है

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव और दुनिया के कई बड़े देशों ने नागरिक ठिकानों पर हो रहे इन हमलों की निंदा की है। चीन ने बल प्रयोग के खिलाफ अपनी राय दी है, जबकि पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की जैसे देश समझौते की कोशिशों में रात-दिन जुटे हुए हैं। ईरान ने अपने नौजवानों से बिजली घरों के आसपास सुरक्षा घेरा बनाने की अपील की है ताकि उन्हें हमलों से बचाया जा सके।