अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा है कि वे आज रात ईरान पर बहुत जोरदार हमला करेंगे। इस ऐलान के बाद से पूरी दुनिया में तनाव बढ़ गया है और अमेरिका व ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य टकराव शुरू हो गया है। इस लड़ाई की वजह से खाड़ी देशों में भी हलचल तेज हो गई है और कई जगह ड्रोन हमले हुए हैं।

Trump की धमकी और अमेरिकी कार्रवाई

राष्ट्रपति Donald Trump ने Truth Social पर लिखा कि अमेरिका आज रात ईरान पर बहुत कड़ी कार्रवाई करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में अमेरिका Kharg Island और ईरान के अन्य तेल बुनियादी ढांचे पर कब्जा कर सकता है ताकि तेल और गैस बाजार पर पूरी पकड़ बनाई जा सके। हालांकि बाद में Fox News से बात करते हुए उन्होंने कहा कि वे नागरिक इलाकों पर हमला नहीं करना चाहते और उन्हें यकीन नहीं है कि अमेरिका इस बड़े कदम के लिए तैयार है या नहीं।

US Central Command (CENTCOM) ने पुष्टि की है कि गुरुवार तड़के ईरान के सैन्य निगरानी, संचार प्रणालियों और हवाई रक्षा ठिकानों पर हमले किए गए हैं। रक्षा सचिव Pete Hegseth ने कहा कि अगर जरूरत पड़ी तो अमेरिका बमों के जरिए बातचीत करेगा।

भारतीय नाविकों की मौत और भारत का विरोध

इस सैन्य टकराव के बीच एक दुखद घटना सामने आई है। अमेरिकी सेना ने ईरानी तेल ले जाने वाले दो जहाजों को निशाना बनाया। इस हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई। इस घटना के बाद भारत सरकार ने कड़ा विरोध जताया है और विरोध दर्ज कराने के लिए एक वरिष्ठ अमेरिकी राजनयिक को तलब किया है।

खाड़ी देशों में ड्रोन हमले और ईरान का जवाब

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उन्होंने जॉर्डन के Al-Azraq एयर बेस पर मिसाइल दागी है। इस बीच खाड़ी देशों में भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

  • Kuwait: कुवैत की सेना ने पिछले दो दिनों में ईरान के 24 हमलावर ड्रोन पकड़े हैं।
  • Bahrain और Jordan: इन दोनों देशों ने भी ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही रोका है।
  • ईरान का दावा: ईरान ने कहा कि उसने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को पूरी तरह बंद कर दिया है, लेकिन CENTCOM ने इस दावे को गलत बताया है।

शांति की कोशिशें और IAEA का फैसला

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते की बातचीत पूरी तरह रुक गई है। पाकिस्तान इस लड़ाई को खत्म करने के लिए मध्यस्थता की कोशिश कर रहा है। दूसरी तरफ, अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के 35 देशों के बोर्ड ने एक प्रस्ताव पास किया है, जिसमें ईरान से उसके यूरेनियम स्टॉक की जानकारी मांगी गई है।