अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने 23 जुलाई 2026 को यह स्पष्ट किया कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने ईरान पर ‘बुरे इरादे’ रखने का आरोप लगाया और कहा कि अमेरिका के साथ चल रहे तनाव के बीच वे कड़े कदम उठाने पर विचार कर रहे हैं। इस दौरान अमेरिका ने लगातार 12वीं रात ईरान की समुद्री गतिविधियों और मिसाइल ठिकानों को निशाना बनाया है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर
अमेरिकी प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान समर्थित हूती मिलिशिया ने जहाजों पर दोबारा हमला किया, तो ईरान को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि उनका देश अपनी रक्षा के लिए किसी भी हमले का मुंहतोड़ जवाब देने को तैयार है। ईरान की तरफ से दावा किया गया कि उन्होंने कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमला किया है।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर गहराते संकट
तनाव का असर खाड़ी देशों में भी साफ दिख रहा है। बहरीन में एयर रेड सायरन बजने की खबरें आई हैं, जबकि जॉर्डन की सेना ने ईरान से जुड़े 6 ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया है। दूसरी ओर, हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के 2 तेल टैंकरों पर हमला किया है। खुफिया एजेंसियों का मानना है कि वर्तमान सैन्य कार्रवाई से ईरान के साथ शांति वार्ता की संभावनाएं फिलहाल खत्म हो गई हैं और दोनों देशों के बीच बातचीत का कोई रास्ता नहीं निकल पाया है।
