अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बहुत ज्यादा बढ़ गया है। ईरान ने खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। इस हमले के बाद अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान आया है। ट्रंप ने कहा है कि ईरान ने समझौता करने में बहुत देर कर दी और अब उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। अमेरिकी सेना भी अब नए हमलों की तैयारी में जुटी हुई है।

कुवैत, बहरीन और जॉर्डन में दागी गईं मिसाइलें

ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए जॉर्डन, कुवैत और बहरीन पर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। कुवैत की सेना ने इन हवाई हमलों को रास्ते में ही रोक दिया। वहीं बहरीन की सेना ने भी ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराया है। जॉर्डन के सुरक्षा बलों ने जानकारी दी है कि उन्होंने अपने इलाके में ईरान की तरफ से आई पांच मिसाइलों को नष्ट किया है। राहत की बात यह है कि इस हमले में किसी भी अमेरिकी सैन्यकर्मी को नुकसान पहुंचने की खबर नहीं है।

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की सेना को बताया नाकाम

इस पूरे मामले पर डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर बयान जारी किया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान की सेना पूरी तरह से कमजोर हो चुकी है और उसकी नौसेना व वायुसेना अब खत्म होने की कगार पर हैं। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका का नौसैनिक ब्लॉकेड इतिहास का सबसे सफल ब्लॉकेड रहा है। इसके साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने बातचीत में और देरी की तो अमेरिका उसके बिजलीघरों और मुख्य पुलों पर नए हमले कर सकता है।

ईरान और अन्य देशों ने जताई कड़ी आपत्ति

ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा की है और खाड़ी देशों को चेतावनी दी है कि वे अपनी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ न होने दें। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि वाशिंगटन के बदलते बयानों के कारण वे अमेरिकी सरकार के साथ बातचीत पर दोबारा विचार करेंगे। वहीं मुंबई में ईरान के महावाणिज्य दूतावास ने डोनाल्ड ट्रंप पर इस पूरे क्षेत्र में अशांति फैलाने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि उनकी एजेंसी ईरानी सेना को हथियार सप्लाई करने वाले नेटवर्क को पूरी तरह बंद करने में जुटी है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान के मिसाइल हमलों से कुवैत या बहरीन में कोई नुकसान हुआ है?

कुवैत और बहरीन की सेनाओं ने ईरान की तरफ से दागी गईं मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही सफलतापूर्वक नष्ट कर दिया, जिससे अमेरिकी ठिकानों या स्थानीय संपत्तियों को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है।

अमेरिका और ईरान के बीच यह ताजा विवाद किस वजह से शुरू हुआ?

यह विवाद तब शुरू हुआ जब हॉरमुज जलडमरूमध्य के पास एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर को ईरानी ड्रोन ने मार गिराया था, जिसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के रडार और एयर डिफेंस सिस्टम पर हमले किए थे।