US और Iran के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. UK के प्रधानमंत्री Keir Starmer ने दोनों देशों से युद्ध रोकने और Strait of Hormuz को फिर से खोलने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर यह लड़ाई जारी रही तो इसका सीधा असर आम लोगों की जेब और घर के बिलों पर पड़ेगा.

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Trump ने खत्म किया युद्धविराम

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने तुर्की के अंकारा में एक मीटिंग के दौरान साफ कह दिया कि ईरान के साथ जो अस्थाई ceasefire (युद्धविराम) था, वह अब खत्म हो चुका है. जून 2026 में एक समझौते के तहत ईरान को कुछ शर्तों पर तेल बेचने की अनुमति मिली थी, लेकिन अब Trump ने ईरान के नेतृत्व की कड़ी आलोचना की है.

जहाजों पर हमला और अमेरिकी जवाबी कार्रवाई

जानकारी के मुताबिक 6 और 7 जुलाई के बीच ईरान ने तीन बड़े जहाजों पर हमला किया. इनमें एक कतरी LNG टैंकर और दो बड़े VLCC जहाज शामिल थे जो Strait of Hormuz से गुजर रहे थे. इसके जवाब में US Central Command (CENTCOM) ने ईरान के 80 से ज्यादा ठिकानों पर जोरदार हमले किए. इन हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम, रडार साइट और IRGC की 60 से ज्यादा छोटी नावें तबाह कर दी गईं. NATO चीफ Mark Rutte ने भी अमेरिकी हमलों का समर्थन किया और इन्हें जरूरी बताया.

Kuwait और Bahrain में सैन्य ठिकानों पर हमला

इस विवाद के बाद ईरान की IRGC ने दावा किया कि उन्होंने Kuwait और Bahrain में स्थित 85 अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. इसी बीच अमेरिका के Treasury Department ने ईरान पर फिर से कड़े प्रतिबंध लगा दिए हैं. 8 जुलाई 2026 के बाद से ईरानी तेल की बिक्री से जुड़ी किसी भी नई डील पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है.

शिपिंग और नाविकों की स्थिति

समुद्री रास्तों पर हुए इन हमलों से दुनिया भर में शिपिंग का काम बुरी तरह प्रभावित हुआ है. IMO के चीफ Arsenio Dominguez ने बताया कि Strait of Hormuz में करीब 6,000 नाविक फंसे हुए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार में बड़ी रुकावट आई है.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.