अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है। संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार प्रमुख Volker Turk ने 14 जुलाई 2026 को चेतावनी दी कि दोनों देशों के बीच जारी यह टकराव आम नागरिकों के लिए बहुत बड़ा झटका है। इस तनाव के चलते शांति के प्रयास कमजोर पड़ रहे हैं और खाद्य पदार्थ व दवाओं जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई बाधित होने का खतरा बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव Antonio Guterres ने भी इस स्थिति पर गहरी चिंता जाहिर की है।

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सैन्य कार्रवाई और जमीनी हकीकत

अमेरिकी सेना के CENTCOM ने 13 जुलाई की शाम को Bushehr और Bandar Abbas के तटीय इलाकों में ईरान के मिसाइल, ड्रोन साइट्स और समुद्री ठिकानों पर हमला किया। इस दौरान पहली बार समुद्री ड्रोन का उपयोग किया गया। इसके जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने 14 जुलाई को जॉर्डन में स्थित अमेरिकी एयर बेस पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमले का दावा किया। इसके साथ ही ईरान के Qeshm द्वीप पर भी प्रोजेक्टाइल गिरने की खबरें सामने आई हैं।

प्रवासियों और व्यापार पर असर

इस टकराव का असर आम लोगों और व्यापार पर सीधा पड़ रहा है। ईरान द्वारा दुनिया के प्रमुख समुद्री रास्ते Hormuz जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा पहले ही हो चुकी है। इस तनावपूर्ण माहौल में भारतीय नागरिकों पर भी गाज गिरी है, जहाँ ईरान के हमले में दो कमर्शियल जहाजों पर हुए हमले में एक भारतीय की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए। भारत सरकार ने इस हिंसा की कड़े शब्दों में निंदा की है और समुद्र में स्वतंत्र आवाजाही को जरूरी बताया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.