अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ एक बड़े समझौते का दावा किया है। ट्रंप के मुताबिक इस डील के तहत रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोल दिया जाएगा। हालांकि, ईरान ने तुरंत ट्रंप के इस दावे को खारिज कर दिया है। ईरान के सरकारी मीडिया का कहना है कि समझौता हो भी जाए तो भी इस जलमार्ग का पूरा नियंत्रण केवल ईरान के पास ही रहेगा। इस पूरे मामले में पाकिस्तान मध्यस्थता की भूमिका निभा रहा है।
ट्रंप ने समझौते को लेकर क्या दावा किया है?
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर बताया कि ईरान के साथ एक शांति समझौता (Memorandum of Understanding) लगभग तय हो चुका है। इस समझौते के तहत 60 दिनों का सीजफायर होगा, होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी टैक्स या टोल के खोला जाएगा और ईरान को तेल बेचने की छूट मिलेगी। इसके अलावा अमेरिका ईरान के बंदरगाहों से नाकेबंदी हटाएगा। ट्रंप ने इसके लिए सऊदी अरब, यूएई, कतर, पाकिस्तान और इजराइल जैसे देशों के नेताओं से भी बात की है। ट्रंप ने चेतावनी भी दी है कि अगर ईरान ने शर्तों को नहीं माना, तो सैन्य हमले फिर से शुरू हो सकते हैं।
ईरान ने ट्रंप के दावों पर क्या जवाब दिया?
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसियों ने ट्रंप के दावों पर तुरंत प्रतिक्रिया दी है। ईरान का कहना है कि भले ही कोई समझौता हो जाए, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य का प्रबंधन और नियंत्रण पूरी तरह से ईरान के पास ही रहेगा। जलमार्ग से किस जहाज को गुजरने देना है, उसका रूट और समय क्या होगा, इसका फैसला सिर्फ ईरान ही करेगा। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने साफ किया है कि इस समझौते पर अंतिम मुहर सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई के कार्यालय से लगनी बाकी है। इसके अलावा, ईरान ने परमाणु कार्यक्रम से जुड़े किसी भी बदलाव या यूरेनियम सौंपने की बात से पूरी तरह इनकार किया है।
इस डील में पाकिस्तान और अन्य देशों की क्या भूमिका है?
इस शांति वार्ता को सफल बनाने में पाकिस्तान महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर ने इस सिलसिले में तेहरान का दौरा किया है और वहां उनकी सकारात्मक बातचीत हुई है। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी माना है कि बातचीत में कुछ प्रगति हुई है और जल्द ही कोई बड़ा अपडेट आ सकता है। यह पूरा विवाद इस साल फरवरी में अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ था, जिसके बाद ईरान ने इस समुद्री रास्ते को बंद कर दिया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) क्यों महत्वपूर्ण है?
यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्ग है। खाड़ी देशों से निकलने वाला अधिकांश कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर पूरी दुनिया में जाता है, इसलिए इस रास्ते के बंद होने से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित होती है।
ईरान ने समझौते को लेकर क्या शर्तें रखी हैं?
ईरान का कहना है कि किसी भी समझौते से पहले विदेशों में जब्त किए गए उसके पैसों का एक हिस्सा तुरंत रिलीज किया जाए। साथ ही ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम में फिलहाल किसी भी तरह के बदलाव से इनकार किया है।