अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले संभावित समझौते को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, ईरान ने साफ कर दिया है कि किसी भी संभावित समझौते से पहले उसकी फ्रीज की गई 24 अरब डॉलर की संपत्ति को छोड़ना होगा। इस बड़ी मांग के बाद अब दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत एक नए मोड़ पर पहुंच गई है और कतर में इसे लेकर लगातार बैठकें चल रही हैं।

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पैसे ट्रांसफर करने को लेकर ईरान ने क्या रखी है शर्त?

ईरान की बातचीत टीम के करीबी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि तेहरान की स्थिति इस मामले में बिल्कुल साफ है। ईरान चाहता है कि जैसे ही समझौते के ज्ञापन यानी MoU की घोषणा हो, तुरंत 12 अरब डॉलर की आधी रकम जारी कर दी जाए। इसके बाद बाकी बचे 12 अरब डॉलर अगले 60 दिनों की बातचीत के दौरान ट्रांसफर किए जाने चाहिए। ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बागेर गालिबफ, विदेश मंत्री अब्बास अराक्छी और सेंट्रल बैंक के गवर्नर अब्दुलनासिर हेम्मती इस समय बातचीत के लिए कतर में मौजूद हैं, जिससे साफ है कि पूरा ध्यान फ्रीज फंड को वापस पाने पर लगा है।

अमेरिका का क्या है रुख और डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्रतिनिधियों से कहा है कि वे समझौते को लेकर किसी तरह की जल्दबाजी न करें। ट्रंप ने साफ किया है कि जब तक समझौता पूरी तरह तय और साइन नहीं हो जाता, तब तक होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz में ईरानी जहाजों पर अमेरिकी नाकाबंदी जारी रहेगी। इसके साथ ही ट्रंप ने एक नया रुख अपनाते हुए कहा है कि जब तक ईरान अपने समृद्ध यूरेनियम के भंडार को खत्म नहीं करता या उसे नष्ट नहीं किया जाता, तब तक उसे कोई आर्थिक फायदा नहीं दिया जाएगा। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी संकेत दिए हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने का समझौता जल्द हो सकता है लेकिन अंतिम शब्दों को तय करने में कुछ दिन का समय लगेगा।

कतर की मध्यस्थता और सुरक्षा के ताजा हालात

इस पूरे मामले में कतर एक मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। कतर ने उन दावों को पूरी तरह खारिज किया है जिसमें कहा जा रहा था कि उसने ईरान को समझौता कराने के लिए खुद से 12 अरब डॉलर देने की पेशकश की है। इसी बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने दक्षिणी ईरान में कुछ मिसाइल ठिकानों पर रक्षात्मक हमले किए थे, लेकिन अमेरिकी सेना ने साफ किया कि इस कार्रवाई का मतलब यह नहीं है कि दोनों देशों के बीच चल रहा सात हफ्ते का युद्धविराम खत्म हो गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने अमेरिका से समझौते के लिए कितने पैसों की मांग की है?

ईरान ने अपनी फ्रीज की गई 24 अरब डॉलर की संपत्ति को वापस सौंपने की मांग की है, जिसमें से 12 अरब डॉलर तुरंत समझौते के समय और बाकी 12 अरब डॉलर 60 दिनों के भीतर मिलने चाहिए।

क्या होर्मुज जलडमरूमध्य से अमेरिकी नाकाबंदी हट गई है?

नहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने निर्देश दिया है कि जब तक समझौते पर पूरी तरह हस्ताक्षर नहीं हो जाते, तब तक ईरानी जहाजों पर अमेरिकी नाकाबंदी जारी रहेगी।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com