अमेरिका और ईरान अब युद्ध खत्म करने की ओर बढ़ रहे हैं। दोनों देशों के बीच एक समझौता हुआ है जिससे जल्द ही शांति बहाल हो सकती है। इस बीच ईरान की जमा संपत्ति को वापस करने का मुद्दा सबसे अहम बन गया है।
ℹ️: USA-Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच हुआ बड़ा समझौता, 60 दिनों तक चलेगी बातचीत, बंद होगी जंग।
दोनों देशों के बीच 14 पॉइंट का एक समझौता (MOU) हुआ है। इसके तहत तुरंत युद्ध रोकने का फैसला लिया गया और पूरी डील के लिए 60 दिन का समय तय किया गया है। इस समझौते के बाद Strait of Hormuz को फिर से जहाजों के लिए खोला जाएगा और ईरान पर लगे कुछ प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी।
समझौते की मुख्य बातें
- ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने का वादा किया है और अपने परमाणु कार्यक्रम को रोकने पर सहमति जताई है।
- अमेरिका 30 दिनों के भीतर ईरान की समुद्री नाकाबंदी हटाएगा और प्रतिबंधों को हटाने का एक टाइमटेबल बनाएगा।
- अमेरिका ईरान के तेल निर्यात में मदद करेगा।
- ईरान के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर का फंड बनाया जाएगा। राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि इसमें खाड़ी देश पैसा लगाएंगे।
- अमेरिका धीरे-धीरे सभी प्रतिबंध हटा लेगा और अपनी सेना को इस क्षेत्र से बाहर ले जाएगा।
इस बीच सबसे बड़ी खबर कतर में जमा ईरान के 6 अरब डॉलर को लेकर है। इस पैसे का इस्तेमाल ईरान अमेरिका से मानवीय और गैर-प्रतिबंधित सामान खरीदने के लिए कर सकेगा। राष्ट्रपति Donald Trump ने इस फैसले का समर्थन करते हुए कहा कि यह पैसा ईरान का है और इसे वापस करना जरूरी है। हालांकि, उपराष्ट्रपति JD Vance ने साफ किया कि इस संपत्ति का मिलना इस बात पर निर्भर करेगा कि ईरान अपने यूरेनियम के स्टॉक को खत्म करने के लिए ठोस कदम उठाता है या नहीं।
इन तमाम बातों के बावजूद, 19 जून को होने वाली बातचीत रद्द कर दी गई। ईरान ने लेबनान में इसराइल के लगातार हमलों की वजह से इस मीटिंग में शामिल होने से मना कर दिया। उपराष्ट्रपति JD Vance ने भी कुछ इंतजाम पूरे न होने की वजह से इस बैठक से अपना नाम वापस ले लिया। अमेरिकी सीनेटर Shelley Moore Capito ने कहा कि इस समझौते पर और जानकारी चाहिए और जमा संपत्ति का मुद्दा अभी भी एक बड़ी रुकावट बना हुआ है।