अमेरिका और ईरान के बीच जमी हुई संपत्ति को लेकर एक बड़े समझौते की खबरें आई हैं। राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान पर होने वाले हमलों को फिलहाल रोक दिया है और कहा है कि एक डील पर सहमति बन गई है। हालांकि, इस समझौते के बीच अभी भी कई शर्तें और विवाद बाकी हैं जिससे माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
🗞️: Trump का बड़ा ऐलान, ईरान के साथ हुआ समझौता, अब नहीं होंगे हमले, कई Gulf देश भी शामिल।
ट्रंप का बड़ा ऐलान और हमलों पर रोक
11 जून 2026 को राष्ट्रपति Donald Trump ने बताया कि अमेरिका, इसराइल, सऊदी अरब, UAE और कतर जैसे देशों के बीच ईरान के साथ एक डील पर सहमति बन गई है। इसी वजह से उन्होंने ईरान पर होने वाले बम धमाकों और हमलों को रद्द कर दिया है। लेकिन उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि अमेरिका भविष्य में खार्ग आइलैंड (Kharg Island) और ईरान के अन्य तेल बुनियादी ढांचे पर कब्जा कर सकता है।
पैसे के लेन-देन पर विवाद
ईरान चाहता है कि उसकी जमा राशि में से 6 अरब से 12 अरब डॉलर तुरंत रिलीज किए जाएं। वहीं अमेरिकी खजाने के सचिव Scott Bessent ने कहा कि वॉशिंगटन इन पैसों का इस्तेमाल खाड़ी देशों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए करेगा और शिपिंग टोल की लागत को भी इससे कम किया जाएगा। अमेरिका सीधे कैश देने के बजाय मानवीय सहायता के लिए धीरे-धीरे पैसा रिलीज करने का प्रस्ताव दे रहा है।
इजराइल और ईरान की सेना का रुख
- इजराइल: इजराइल के अधिकारियों ने इस समझौते को मानने से इनकार कर दिया है।
- ईरान की सेना: ईरान की टॉप मिलिट्री कमांड (Khatam al-Anbiya) ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने दोबारा हमले किए, तो इसका जवाब और भी सख्त होगा जिससे पूरे इलाके में अस्थिरता फैल सकती है।
- अमेरिकी राजनीति: सीनेट लीडर Chuck Schumer ने ट्रंप की खार्ग आइलैंड पर कब्जा करने की योजना की आलोचना की है और इसे एक बड़ी विफलता बताया है।
समझौते की मौजूदा स्थिति
अमेरिकी सूत्रों के मुताबिक, राजनीतिक समझ तो बन गई है लेकिन पैसा रिलीज करने के तकनीकी तरीकों पर अब भी बातचीत चल रही है। यूरोपीय अधिकारियों का कहना है कि अभी पूरा ध्यान इस बात पर है कि ईरान को कितनी नकदी उपलब्ध कराई जाएगी।
