अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़े शांति समझौते की चर्चाएं तेज हो गई हैं लेकिन मामला अरबों डॉलर के जमे हुए पैसों पर अटक गया है. ईरान का कहना है कि उसके पैसों की वापसी इस समझौते का सबसे जरूरी हिस्सा है जबकि अमेरिका ने इसे मानने से साफ इनकार कर दिया है. दुनिया भर की नज़रें अब इस बात पर हैं कि क्या वाकई अगले 24 घंटों में कोई बड़ा फैसला होगा.

पैसों की वापसी पर दोनों देशों में टकराव

ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ तौर पर कहा कि जमे हुए पैसों की वापसी के बिना कोई भी समझौता संभव नहीं है. ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने 12 जून 2026 को कहा था कि पैसों को रिलीज किया जाएगा और परमाणु मुद्दे पर बात बाद में होगी. वहीं ईरान के सलाहकार Mohsen Rezaei ने दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 24 अरब डॉलर रिलीज करने पर सहमति जताई है लेकिन वे इसे खुलकर नहीं कह रहे हैं.

दूसरी तरफ अमेरिका का रुख बिल्कुल अलग है. अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने स्पष्ट किया कि सिर्फ समझौता होने या मीटिंग होने से पैसे नहीं मिलेंगे. उन्होंने कहा कि आर्थिक कदम तभी उठाए जाएंगे जब ईरान अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करेगा. खुद Donald Trump ने ईरान के दावों को फर्जी खबर बताया और कहा कि इसका सच से कोई लेना-देना नहीं है.

कतर और पाकिस्तान की भूमिका

इस विवाद को सुलझाने के लिए कतर और पाकिस्तान भी बीच में आए हैं. कतर ने एक प्रस्ताव रखा है जिसमें ईरान के कुछ पैसों को रिलीज करने की बात कही गई है. वहीं पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच शांति समझौता अगले 24 घंटों में पूरा हो सकता है और पाकिस्तान इसके लिए तैयार है.

विवरण राशि/जानकारी
Mohsen Rezaei का दावा 24 अरब डॉलर रिलीज होने की बात
कतर का प्रस्ताव (रिलीज) 6 अरब डॉलर
कतर का क्रेडिट लाइन प्रस्ताव 6 अरब डॉलर
ईरानी डिप्टी विदेश मंत्री की मांग 50% जमा संपत्ति की तत्काल वापसी

समझौते का ड्राफ्ट और शर्तें

खबरों के मुताबिक एक समझौता ड्राफ्ट तैयार किया गया है जिसमें 14 मुख्य बातें शामिल हैं. इसमें सभी मोर्चों पर युद्ध को तुरंत रोकने और धीरे-धीरे प्रतिबंध हटाने की बात कही गई है. हालांकि अमेरिका की शर्तें काफी सख्त हैं. अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार वे चाहते हैं कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करे और परमाणु सामग्री को हटाए. अमेरिका ने साफ कर दिया है कि जब तक शर्तें पूरी नहीं होंगी तब तक एक पैसा भी नहीं दिया जाएगा.

इस तनाव के बीच एक सकारात्मक खबर यह आई कि ईरान की फुटबॉल टीम अमेरिका में वर्ल्ड कप खेलने जा रही है. ईरान के राजदूत Abu al-Fazl Basandideh ने इसे सद्भावना का संकेत बताया है ताकि दोनों देशों के बीच विवाद खत्म हो सके.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.