अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी अब खत्म होने की राह पर है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अचानक ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को रोकने का फैसला किया है, जो जहाजों की सुरक्षा के लिए शुरू किया गया था। दोनों देशों के बीच एक ऐसी डील होने वाली है जिससे खाड़ी क्षेत्र में शांति लौट सकती है और व्यापारिक रास्ते फिर से सुरक्षित हो सकते हैं।

🗞️: Hormuz Strait: अमेरिका ने ईरान को दी खुली चेतावनी, बिना समझौते के भी जहाजों की सुरक्षा करेगा US

क्या अमेरिका ने ईरान की मांग स्वीकार कर ली है?

खबरों के मुताबिक अमेरिका अब ईरान की उस मांग पर सहमत होता दिख रहा है जिसमें पहले होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के विवाद को सुलझाने और युद्ध खत्म करने की बात कही गई थी। ईरान काफी समय से चाहता था कि परमाणु कार्यक्रम पर चर्चा करने से पहले समुद्री रास्तों को खोला जाए और युद्ध विराम हो। अमेरिका ने अब इस बहु-चरणीय बातचीत के तरीके को मान लिया है।

इस नए समझौते और MOU में क्या खास बातें शामिल हैं?

व्हाइट हाउस एक पन्ने के समझौता ज्ञापन (MOU) पर अंतिम मुहर लगाने के करीब है। इस पूरी योजना की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • 14 सूत्रीय योजना: यह प्लान स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने ईरानी अधिकारियों के साथ मिलकर तैयार किया है।
  • 30 दिनों का समय: युद्ध खत्म होने की घोषणा के बाद 30 दिनों की बातचीत शुरू होगी।
  • मुख्य लक्ष्य: इस दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना, ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर सीमा तय करना और अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाना शामिल है।
  • मध्यस्थता: इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान और चीन ने अहम भूमिका निभाई है।

सरकारी अधिकारियों और देशों ने इस पर क्या कहा?

इस मामले में कई बड़े बयानों ने स्थिति साफ कर दी है:

  • डोनाल्ड ट्रंप: उन्होंने Truth Social पर बताया कि ईरान के साथ एक अंतिम समझौते की दिशा में बड़ी प्रगति हुई है, इसलिए प्रोजेक्ट फ्रीडम को रोका गया।
  • मार्को रुबियो: अमेरिकी विदेश मंत्री ने घोषणा की कि 28 फरवरी को शुरू हुआ ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ अब खत्म हो गया है और अब पूरा ध्यान बातचीत पर है।
  • ईरान की IRGC: ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कहा कि अगर हमलावर अपनी धमकियां बंद करते हैं, तो होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों का आना-जाना सुरक्षित हो सकता है।
  • ईरानी विदेश मंत्री: उन्होंने चीन में बातचीत के दौरान साफ किया कि ईरान केवल एक निष्पक्ष और व्यापक समझौते को ही स्वीकार करेगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

प्रोजेक्ट फ्रीडम को क्यों रोका गया?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ शांति वार्ता और अंतिम समझौते की दिशा में हो रही प्रगति को देखते हुए प्रोजेक्ट फ्रीडम को रोकने का फैसला किया।

अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले नए MOU का मकसद क्या है?

इस MOU का मुख्य मकसद चल रहे युद्ध को समाप्त करना और एक ऐसा ढांचा तैयार करना है जिससे आगे चलकर परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों पर बात हो सके।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com