अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़ा समझौता हुआ है जिससे दुनिया भर में तेल की कीमतों में 5 प्रतिशत की गिरावट आई है। दोनों देशों ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने और आपसी संघर्ष को खत्म करने पर सहमति जताई है। इस खबर से वैश्विक एनर्जी मार्केट में बड़ी राहत मिली है।
स्विट्जरलैंड में होगा औपचारिक समझौता
जानकारी के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच 14-15 जून 2026 को एक शुरुआती सहमति बनी थी। अब इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड के बर्गनस्टॉक रिसॉर्ट में किए जाएंगे। इस डील के तहत दोनों देशों के बीच 60 दिनों का युद्धविराम (Ceasefire) लागू होगा, जिसके दौरान ईरान के परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों में ढील देने पर आगे की बातचीत होगी।
बंदरगाहों से हटी नाकेबंदी
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तुरंत हटाने का आदेश दिया है। ईरान के राज्य टेलीविजन ने बताया कि इस फैसले के बाद ईरानी टैंकरों और अन्य जहाजों ने फिर से शिपिंग शुरू कर दी है। राष्ट्रपति Trump ने ऐलान किया कि शुक्रवार, 19 जून तक होर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से खुल जाएगा।
नेताओं और मध्यस्थों की भूमिका
- ईरान का पक्ष: विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों पर बातचीत इसी हफ्ते शुरू हो सकती है। हालांकि, राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने सावधानी बरतते हुए कहा कि अभी अंतिम समझौता नहीं हुआ है, लेकिन यह एक महत्वपूर्ण कदम है।
- मध्यस्थ देश: इस समझौते को कराने में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif और कतर ने अहम भूमिका निभाई है।
- ओमान की भूमिका: Oman और ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से सुरक्षित और स्वतंत्र समुद्री आवाजाही के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
आगे क्या होगा
अगले 60 दिनों की बातचीत के दौरान मुख्य रूप से ईरान के यूरेनियम संवर्धन के स्तर, स्टॉकपाइल और जमी हुई ईरानी संपत्तियों को वापस करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। कुछ रिपोर्ट्स में यह भी बात सामने आई है कि 60 दिनों के बाद इस रास्ते के लिए ईरान “सर्विस फीस” वसूल सकता है, जिसे लेकर अभी अलग-अलग राय है।