अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़ा समझौता होने की चर्चा काफी तेज हो गई है, लेकिन इस समझौते को लेकर विवाद भी गहरा गया है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने सीधा आरोप लगाया है कि इसराइल इस समझौते को नाकाम करने की हर मुमकिन कोशिश कर रहा है। दूसरी तरफ, इसराइल इस बातचीत से खुद को पूरी तरह बाहर महसूस कर रहा है और इसे अपने लिए एक बड़ा खतरा मान रहा है। इस पूरी कूटनीतिक हलचल से खाड़ी क्षेत्र और वैश्विक राजनीति में हलचल तेज हो गई है।

ℹ: ईरान का यूरोप को सीधा जवाब, कहा- इसराइल की गलतियों पर एक्शन लें, न्याय के रास्ते में अड़ंगा डालना बंद करें

ईरान ने इसराइल पर क्या आरोप लगाए हैं?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने 25 मई 2026 को बयान जारी कर कहा कि इसराइली ताकतें इस समझौते को रोकने की पूरी कोशिश कर रही हैं। ईरान का कहना है कि अमेरिका के साथ बातचीत में प्रगति हुई है, लेकिन अभी अंतिम समझौता होना बाकी है। यदि दोनों पक्षों के बीच शुरुआती सहमति बन जाती है, तो परमाणु मुद्दे पर बातचीत को आगे बढ़ाने के लिए 60 दिनों का समय दिया जाएगा। इस बातचीत को सफल बनाने में पाकिस्तान ने भी मध्यस्थ के रूप में अहम भूमिका निभाई है।

इस समझौते को लेकर इसराइल और अमेरिका का क्या रुख है?

इसराइल इस संभावित समझौते को लेकर बेहद चिंतित है और इसे एक कमजोर समझौता मान रहा है। इसराइली अधिकारियों का कहना है कि इस समझौते में ईरान के मिसाइल कार्यक्रम और उसके क्षेत्रीय सहयोगियों पर कोई रोक नहीं लगाई गई है। इस वजह से प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने 24 मई 2026 को अपनी सुरक्षा कैबिनेट की एक आपात बैठक भी बुलाई। इसराइल को डर है कि इससे लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ उसकी कार्रवाई सीमित हो जाएगी।

वहीं दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस समझौते को लेकर मिले-जुले संकेत दिए हैं। उन्होंने पहले कहा कि समझौता लगभग तय हो चुका है, लेकिन बाद में उन्होंने साफ किया कि वह तब तक किसी अंतिम समझौते पर हस्ताक्षर नहीं करेंगे जब तक ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह बंद नहीं कर देता। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कहा कि अमेरिका कोई भी कमजोर समझौता नहीं करने वाला है और फिलहाल एक मजबूत प्रस्ताव मेज पर है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के संभावित समझौते में मुख्य शर्तें क्या हैं?

इस समझौते के तहत ईरान को अपने अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम के भंडार को खत्म करना होगा, होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना होगा और लेबनान में हिजबुल्लाह और इसराइल के बीच जारी संघर्ष को रोकना होगा।

इस समझौते की खबरों का बाजार पर क्या असर हुआ है?

इस समझौते की खबरों और अमेरिकी राष्ट्रपति के बयानों के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जबकि जापान के शेयर बाजार में तेजी देखी गई है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.