अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़े समझौते की चर्चा तेज़ हो गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे एक बेहतरीन सेटलमेंट बताया है, लेकिन उपराष्ट्रपति JD Vance ने साफ़ कर दिया है कि ईरान को सिर्फ डील साइन करने के लिए पैसे नहीं दिए जाएंगे। यह पैसा तभी जारी होगा जब ईरान अपनी शर्तों को पूरी तरह पूरा करेगा।

डील की शर्तें और अमेरिका का रुख

अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि यह एक परफॉरमेंस आधारित डील होगी। इसका मतलब है कि आर्थिक लाभ ईरान को तभी मिलेगा जब वह अपनी जिम्मेदारियों को निभाएगा। अमेरिका ने कुछ शर्तें रखी हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • ईरान को अपना परमाणु कार्यक्रम खत्म करना होगा और परमाणु सामग्री को हटाना होगा।
  • आतंकवादी समूहों को फंडिंग देना बंद करना होगा।
  • होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को खुला रखना होगा ताकि जहाजों की आवाजाही में कोई दिक्कत न हो।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 जून 2026 को इस समझौते की घोषणा की और संकेत दिया कि यह डील बहुत जल्द यूरोप में साइन हो सकती है।

ईरान ने क्या कहा

दूसरी तरफ ईरान की सरकार इस बात से पूरी तरह सहमत नहीं दिख रही है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाए ने कहा कि अमेरिका बार-बार अपनी बातों से पलट रहा है। उन्होंने कहा कि डील की तारीख और जगह को लेकर जो खबरें आ रही हैं, वे सिर्फ अटकलें हैं। इसके अलावा, फार्स न्यूज़ एजेंसी ने भी खबर दी कि अभी तक किसी भी शुरुआती समझौते (MOU) पर मुहर नहीं लगी है और सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामनेई ने भी इस डील को मंजूरी नहीं दी है।

तैयारियां और दुनिया पर असर

इस संभावित डील के लिए तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। 11 जून को अमेरिका के चार C-17 ट्रांसपोर्ट विमान सामान और कर्मचारियों के साथ जिनेवा (यूरोप) के लिए रवाना हुए। इस समझौते के तहत 60 दिनों के लिए युद्धविराम बढ़ाने और परमाणु समझौते पर बातचीत शुरू करने की योजना है।

इस खबर का असर दुनिया के तेल बाजार पर भी पड़ा। डील की संभावना के बाद ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में 3.26 प्रतिशत की गिरावट आई और भाव 87 से 89 डॉलर प्रति बैरल के बीच रहा। इस पूरी प्रक्रिया में कतर, पाकिस्तान और तुर्की ने मध्यस्थता की भूमिका निभाई है, जिसे ‘इस्लामाबाद समझौता’ भी कहा जा रहा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.