अमेरिका और ईरान के बीच एक नया समझौता हुआ है जिससे दुनिया भर में तनाव कम होने की उम्मीद है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि इस डील के बाद ईरान ऐसी मिसाइलें नहीं बना पाएगा जो पूरी दुनिया के लिए खतरा हों। दोनों देशों के बीच इस समझौते को पूरा करने के लिए 60 दिन का समय तय किया गया है।

मिसाइलों और परमाणु हथियारों पर क्या हुआ तय

उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि वाशिंगटन चाहता है कि ईरान दुनिया को डराने वाली मिसाइलें बनाना बंद करे। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ईरान अपनी रक्षा के लिए कुछ बैलिस्टिक मिसाइलें रख सकता है, ठीक वैसे ही जैसे इसराइल अपनी सुरक्षा करता है। इस समझौते के तहत ईरान को अपने परमाणु हथियार बनाने की कोशिशें छोड़नी होंगी और क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ावा देना बंद करना होगा।

इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए 18 जून 2026 से 60 दिनों की समय सीमा शुरू हो गई है, जो 17 अगस्त के आसपास खत्म होगी। इस संबंध में तकनीकी बातचीत इस वीकेंड स्विट्जरलैंड में शुरू होगी।

समुद्री रास्ता खुला और प्रतिबंधों में ढील

इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MOU) के लागू होने के बाद ईरान ने Strait of Hormuz को फिर से खोल दिया है। अमेरिका ने भी ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी हटा ली है।

  • रिपोर्ट के मुताबिक अब तक 12.5 मिलियन बैरल तेल इस रास्ते से गुजर चुका है।
  • अमेरिका ईरान पर लगे तेल प्रतिबंधों में कुछ समय के लिए छूट देगा, जिससे ईरान अपना तेल बेचकर पैसा कमा सकेगा।
  • अगर नया परमाणु समझौता होता है, तो अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध पूरी तरह हटा दिए जाएंगे।
  • ईरान को अपने यूरेनियम के स्टॉक को कम करना होगा, जिसकी निगरानी IAEA एजेंसी करेगी।

लेबनान विवाद और पुनर्निर्माण फंड

समझौते में लेबनान में इसराइल और हिजबुल्लाह के बीच लड़ाई खत्म करने की बात कही गई है। लेकिन इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ किया है कि जब तक सुरक्षा की जरूरत होगी, उनकी सेना लेबनान के दक्षिणी हिस्से में बनी रहेगी।

ईरान के आर्थिक विकास और पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर के फंड का प्रावधान किया गया है। यह फंड तभी चालू होगा जब अंतिम समझौता हो जाएगा, लेकिन अमेरिका ने स्पष्ट कर दिया है कि वह इसमें कोई वित्तीय योगदान नहीं देगा।

अमेरिकी रक्षा सचिव Pete Hegseth ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान अपनी शर्तों को पूरा नहीं करता है, तो अमेरिका फिर से सैन्य कार्रवाई शुरू करने के लिए तैयार है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.