अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने ईरान के साथ चल रही बातचीत को लेकर अपनी राय रखी है। उन्होंने जॉर्जिया में एक रैली के दौरान कहा कि हालांकि दोनों देशों के बीच अभी भी भरोसे की कमी है, लेकिन डील होने की उम्मीद अब भी बनी हुई है। यह बयान उस समय आया है जब हाल ही में पाकिस्तान में हुई लंबी बातचीत बिना किसी ठोस नतीजे के खत्म हुई थी।

पाकिस्तान में हुई बातचीत और नतीजे

12 अप्रैल 2026 को इस्लामाबाद, पाकिस्तान में अमेरिका और ईरान के बीच 21 घंटे तक बातचीत चली। यह पिछले एक दशक में दोनों देशों की पहली सीधी मुलाकात थी। लेकिन ईरान ने अमेरिका की उन शर्तों को मानने से इनकार कर दिया जिसमें परमाणु हथियार न बनाने की बात कही गई थी। अमेरिका का कहना है कि ईरान के वार्ताकारों के पास ऐसी कोई गारंटी देने का अधिकार नहीं था जिससे कोई ठोस समझौता हो सके।

किन मुख्य मुद्दों पर फंसा है पेंच

अमेरिका और ईरान के बीच कई बड़े मुद्दों पर असहमति बनी हुई है। अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु हथियार न बनाए और अपनी संवर्धन सुविधाओं को खत्म करे। वहीं, ईरान ने यूरेनियम संवर्धन को 20 साल तक रोकने के अमेरिकी प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। ईरान की मुख्य मांगें नीचे दी गई हैं:

  • ईरान पर लगे सभी प्रतिबंध हटाए जाएं।
  • स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) पर ईरान का नियंत्रण बना रहे।
  • अमेरिका अपनी सेना को मिडिल ईस्ट से पूरी तरह बाहर निकाले।

आगे क्या होने की संभावना है

भले ही पहली मीटिंग में कोई बड़ा नतीजा नहीं निकला, लेकिन डिप्लोमैट्स अब बैक चैनल के जरिए दूसरी मीटिंग की तैयारी कर रहे हैं। पाकिस्तान ने एक बार फिर इस बातचीत की मेजबानी करने की पेशकश की है। उपराष्ट्रपति JD Vance का मानना है कि अगर ईरान सही दिशा में अगला कदम उठाता है, तो एक बड़ी डील संभव हो सकती है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.