अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़े समझौते की चर्चाएं तेज हो गई हैं। लेबनान के सांसद Amin Sherri ने इस डील को लेकर खुशी जताई है, लेकिन उन्होंने लेबनान और इसराइल के बीच चल रही बातचीत पर सवाल उठाए हैं। दुनिया की नज़रें अब इस बात पर हैं कि क्या यह समझौता मध्य पूर्व में शांति ला पाएगा।
US-Iran डील में क्या है खास
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने 13 जून 2026 को दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते का एक आखिरी मसौदा तैयार हो गया है। हालांकि, इसे पूरी तरह लागू करने के लिए अभी कुछ और कदम उठाने होंगे।
- ईरानी मीडिया के अनुसार, इस 14 पॉइंट के ड्राफ्ट में अमेरिका द्वारा ईरान की 24 अरब डॉलर की जमी हुई संपत्ति वापस करने की बात है।
- इसमें परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के लिए 60 दिनों के युद्धविराम का प्रस्ताव भी शामिल है।
- ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि समझौता होने के बहुत करीब है, लेकिन अभी इस पर हस्ताक्षर नहीं हुए हैं।
- अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने शुरू में इन खबरों को गलत बताया, लेकिन बाद में उन्होंने सकारात्मक संकेत दिए।
लेबनान और इसराइल के बीच बातचीत
एक तरफ जहां अमेरिका और ईरान की डील की बात हो रही है, वहीं लेबनान और इसराइल के बीच भी बातचीत चल रही है। दोनों देशों के बीच अमेरिका की मदद से बातचीत का पांचवां दौर 22 जून 2026 को Washington में शुरू होगा।
इस बैठक में मुख्य रूप से इस बात पर चर्चा होगी कि इसराइल अपनी सेना को दक्षिण लेबनान से कैसे वापस बुलाएगा। इसके लिए Pilot Zones बनाने की योजना है, जहां पहले लेबनानी सेना तैनात होगी और फिर इसराइल अपनी सेना हटाएगा।
विवाद और चुनौतियां
सांसद Amin Sherri ने इसराइल के साथ सीधी बातचीत की आलोचना की है। उनका मानना है कि Hezbollah को इस प्रक्रिया से बाहर रखना गलत है। वहीं, लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने कहा कि देश एक बहुत ही नाजुक मोड़ पर खड़ा है और आंतरिक मतभेद बढ़ रहे हैं।
ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण लेबनान में इसराइल के हमले अब भी जारी हैं। Jezzine जिले के एक मेयर की मौत की खबर भी आई है, जिससे हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। Hezbollah ने उन सभी युद्धविराम योजनाओं को खारिज कर दिया है जिनमें उसे शामिल नहीं किया गया है।
