US और Iran के बीच होने वाले बड़े समझौते को लेकर दुनिया की नज़रें टिकी हैं. फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने साफ़ कहा है कि इस डील में Lebanon की संप्रभुता और उसकी सीमाओं का पूरा सम्मान होना चाहिए. G7 देशों ने भी लेबनान में तुरंत युद्धविराम की मांग की है ताकि वहां शांति लौट सके.

यह समझौता शुक्रवार, 20 जून 2026 को स्विट्जरलैंड के एक रिसॉर्ट में साइन होने वाला है. अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि इस डील का पूरा टेक्स्ट शुक्रवार तक सबके सामने आ जाएगा. वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि यह कोई आखिरी डील नहीं है और अगर ईरान ने अपनी हरकतों में सुधार नहीं किया, तो अमेरिका फिर से बमबारी शुरू कर सकता है. ट्रंप ने इसराइल द्वारा लेबनान में संघर्ष को संभालने के तरीके पर भी अपनी नाराजगी जताई है.

लेबनान के राष्ट्रपति Joseph Aoun ने साफ़ किया है कि इसराइल के साथ उनकी बातचीत US-Iran डील से अलग है और लेबनान अपने फैसले खुद लेगा. दूसरी तरफ, इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि उनकी सेना लेबनान में ही रहेगी, जबकि दक्षिण लेबनान में इसराइली हमले अभी भी जारी हैं.

अल-अरबिया की रिपोर्ट के मुताबिक, लीक हुए MOU में कई बड़ी बातें सामने आई हैं. इसमें युद्ध को पूरी तरह खत्म करने, ईरान को परमाणु हथियार न बनाने और हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकाबंदी हटाने की बात कही गई है. इसके अलावा, ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर के फंड का भी ज़िक्र है.

इस समझौते की खबर से तेल की कीमतों में गिरावट आई है क्योंकि ईरानी तेल टैंकर अब अमेरिकी नाकाबंदी वाले इलाके से बाहर निकल चुके हैं. पोप Leo XIV ने भी इस समझौते की तारीफ की है और इसे बातचीत की एक अच्छी जीत बताया है.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.