अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़ा समझौता होने जा रहा है जिससे पूरे मिडिल ईस्ट में शांति आ सकती है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि इस हफ्ते यूरोप में इस डील पर साइन हो सकते हैं। इस समझौते में लेबनान और ईरान दोनों मोर्चों पर युद्ध रोकने की बात कही गई है।

ट्रंप का दावा और समझौते की तैयारी

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने बताया कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए एक बड़ा समझौता हो गया है। उन्होंने कहा कि इस हफ्ते यूरोप में इस डील पर हस्ताक्षर हो सकते हैं और इसमें उपराष्ट्रपति JD Vance भी शामिल होंगे। ट्रंप के मुताबिक ईरान के सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने इस पर सहमति दे दी है हालांकि अभी पूरी प्रक्रिया बाकी है।

ईरान का क्या कहना है

दूसरी तरफ ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कहा कि अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि बातचीत का काफी हिस्सा तय हो चुका है लेकिन अमेरिका बार-बार अपनी बात बदल रहा है। ईरान का साफ कहना है कि वह अपनी शर्तों पर ही बात करेगा।

समझौते के मुख्य बिंदु

खबरों के मुताबिक इस ड्राफ्ट MOU में कई बड़ी बातें शामिल हैं। इसमें अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों को हटाने और आर्थिक मदद देने की चर्चा है।

शर्त विवरण
नौसेना नाकेबंदी अमेरिका द्वारा ईरान की समुद्री नाकेबंदी हटाना
अमेरिकी सेना ईरान के आसपास से अमेरिकी सेना की वापसी
हॉर्मुज जलडमरूमध्य 30 दिनों के भीतर Strait of Hormuz को फिर से खोलना
तेल प्रतिबंध ईरानी तेल पर अमेरिकी प्रतिबंधों को रोकना
पुनर्निर्माण फंड ईरान के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर का प्लान
ब्लॉक फंड 24 अरब डॉलर की राशि जारी करना (शुरुआत में 12 अरब डॉलर)

लेबनान और इसराइल का मामला

ईरान का कहना है कि लेबनान और ईरान की जंग को अलग नहीं देखा जा सकता। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि अगर ceasefire होता है तो वह सभी मोर्चों पर होगा। वहीं Hezbollah ने इस समझौते को अपनी जीत बताया है और इसराइल से अपनी सेना हटाने की मांग की है। इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने ट्रंप से कहा कि समझौते में ईरान के परमाणु हथियारों और मिसाइलों पर लगाम लगाना जरूरी है।