अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले बड़े समझौते को लेकर हलचल तेज हो गई है। 25 मई 2026 को आई ताजा अपडेट के अनुसार, दोनों देशों के बीच बातचीत लगातार जारी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रूबीओ ने इस समझौते को लेकर बड़े बयान दिए हैं, जिससे साफ है कि डील बहुत जल्द फाइनल हो सकती है। हालांकि, अमेरिका ने साफ किया है कि वह अपनी शर्तों पर कोई ढील नहीं देगा और जब तक डील फाइनल नहीं होती, तब तक प्रतिबंध लागू रहेंगे।

अमेरिका और ईरान के बीच क्या बातचीत चल रही है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 23 और 24 मई 2026 को बयान दिया कि ईरान के साथ शांति समझौते पर काफी हद तक बातचीत पूरी हो चुकी है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभी पूरी तरह से फाइनल नहीं हुआ है। ट्रंप ने अपने प्रतिनिधियों को निर्देश दिया है कि वे समझौते के लिए किसी भी तरह की जल्दबाजी न करें क्योंकि समय उनके पक्ष में है। वहीं, विदेश मंत्री मार्को रूबीओ ने 25 मई को बताया कि अगले कुछ घंटों या कुछ दिनों में समझौते की घोषणा हो सकती है, लेकिन यह सभी मुद्दों पर आखिरी फैसला नहीं होगा। अमेरिका ने साफ किया है कि ईरान के बंदरगाहों पर नाकेबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक समझौते पर हस्ताक्षर नहीं हो जाते।

ईरान और इसराइल का इस समझौते पर क्या रुख है?

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि उनका देश दुनिया को आश्वस्त करने के लिए तैयार है कि वे परमाणु हथियार नहीं बना रहे हैं। ईरान संवर्धित यूरेनियम (enriched uranium) को नष्ट करने पर सहमत हो गया है। इसके बदले में ईरान अपनी अर्थव्यवस्था पर लगे प्रतिबंधों को हटाने और तेल की बिक्री से मिलने वाले पैसों को जारी करने की मांग कर रहा है। दूसरी तरफ, इसराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप से बात की है और कहा है कि किसी भी अंतिम समझौते में ईरान के परमाणु खतरे को पूरी तरह से खत्म किया जाना चाहिए। इसराइल इस समझौते से खुश नहीं है और इसे सिर्फ एक आर्थिक समझौता मान रहा है।

समझौते के मुख्य बिंदु और शर्तें क्या हैं?

इस समझौते में दोनों देशों के बीच कई मुद्दों पर सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है। प्रमुख शर्तों और बातचीत के बिंदुओं में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • परमाणु सामग्री: ईरान को अपने अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को हटाना या नष्ट करना होगा।
  • स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज: व्यापार के लिए महत्वपूर्ण जलमार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ को बिना किसी शुल्क या टोल के दोबारा खोलना होगा।
  • प्रतिबंधों में ढील: ईरान को आर्थिक प्रतिबंधों से कुछ राहत दी जाएगी, लेकिन नाकेबंदी पूरी तरह समझौते के बाद ही हटेगी।
  • मध्यस्थ देश: इस बातचीत में पाकिस्तान, सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश भी नजर बनाए हुए हैं और मध्यस्थता की कोशिशों में शामिल रहे हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या अमेरिका और ईरान के बीच समझौता फाइनल हो गया है?

नहीं, अभी समझौता पूरी तरह से फाइनल नहीं हुआ है। ट्रंप के अनुसार बातचीत काफी आगे बढ़ चुकी है, लेकिन अमेरिकी अधिकारियों को जल्दबाजी न करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस समझौते को लेकर इसराइल क्यों खुश नहीं है?

इसराइल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू का मानना है कि यह केवल एक आर्थिक समझौता है, जिससे सुरक्षा संबंधी खतरे दूर नहीं हो रहे हैं। वे ईरान के परमाणु ठिकानों को पूरी तरह नष्ट करने की मांग कर रहे हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.