अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़ी शांति डील को लेकर चर्चा काफी तेज़ हो गई है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार, दोनों देशों के बीच बातचीत अंतिम चरणों में है जिससे खाड़ी क्षेत्र में तनाव कम होने की उम्मीद है। इस डील के होने से न सिर्फ खाड़ी बल्कि पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई और महंगाई पर बड़ा असर पड़ेगा, क्योंकि इससे होर्मुज जलडमरूमध्य का रास्ता फिर से खुल सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि दुनिया को इस डील की सख्त जरूरत है ताकि वैश्विक ऊर्जा और खाद्य संकट को टाला जा सके।
अमेरिका और ईरान के बीच क्या बातचीत चल रही है?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान के साथ शांति समझौते के लिए एक सहमति पत्र पर बातचीत लगभग पूरी हो चुकी है। ट्रंप ने अपने अधिकारियों से कहा है कि वे समझौते में जल्दबाजी न करें, बल्कि सभी पहलुओं पर ध्यान दें ताकि एक मजबूत समझौता हो सके। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी अपनी भारत यात्रा के दौरान पुष्टि की कि इस बातचीत में बड़ी प्रगति हुई है। वहीं, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने सरकारी टीवी पर कहा कि ईरान दुनिया को आश्वस्त करने के लिए तैयार है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाना चाहता। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता बघाई का कहना है कि कई मुद्दों पर सहमति बन गई है लेकिन समझौता अभी बहुत करीब नहीं है।
इस डील में कौन-कौन से देश कर रहे हैं मदद?
इस बड़ी डील को सफल बनाने के लिए कई देश मध्यस्थता कर रहे हैं। पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के अधिकारियों के बीच सीधी बातचीत की मेजबानी की है और कतर में भी ईरान का एक प्रतिनिधिमंडल इस समझौते के सबसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मौजूद है। इस प्रस्तावित डील में 60 दिनों का युद्धविराम, प्रतिबंधों में कुछ ढील और ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर नए सिरे से बातचीत शामिल है। एक बड़ा मुद्दा ईरान के संवर्धित यूरेनियम के स्टॉक को लेकर है, जिसे अमेरिका किसी तीसरे देश में भेजने की मांग कर रहा है और रूस ने इस यूरेनियम को अपने पास रखने का प्रस्ताव दिया है। इस बीच, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ट्रंप को चेतावनी दी है कि इजरायल अपनी सुरक्षा के लिए कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अमेरिका और ईरान के बीच इस समझौते से दुनिया को क्या फायदा होगा?
इस समझौते से होर्मुज जलडमरूमध्य का समुद्री रास्ता फिर से खुल जाएगा, जिससे वैश्विक स्तर पर तेल की सप्लाई सामान्य होगी और दुनिया भर में चल रहे ऊर्जा व खाद्य संकट से राहत मिलेगी।
समझौते में मुख्य अड़चन क्या आ रही है?
ईरान के पास मौजूद संवर्धित यूरेनियम का स्टॉक सबसे बड़ा विवाद है। अमेरिका इसे किसी तीसरे देश में भेजने पर अड़ा है, जबकि इजरायल चाहता है कि ईरान अपना पूरा परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह खत्म करे।