अमेरिका और ईरान के बीच एक बहुत बड़ा समझौता हुआ है जिससे पूरी दुनिया में शांति की उम्मीद जगी है। ओमान और जर्मनी ने इस समझौते का खुलकर समर्थन किया है। इस डील के बाद अब युद्ध रुकने और व्यापारिक रास्तों के फिर से खुलने की उम्मीद है।

इस समझौते पर अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने 18 जून 2026 को दस्तखत किए। इस डील का मुख्य मकसद सैन्य अभियानों को रोकना और तनाव को कम करना है।

समझौते की बड़ी बातें

  • लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को तुरंत और हमेशा के लिए बंद किया जाएगा।
  • Strait of Hormuz को फिर से खोला जाएगा ताकि जहाज बिना किसी रुकावट और बिना किसी फीस के आ-जा सकें।
  • अमेरिका ईरान पर लगी अपनी नौसेना की नाकाबंदी को तुरंत हटाएगा।
  • ईरान को युद्ध के बाद देश के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर की मदद मिलेगी।
  • ईरान परमाणु हथियार बनाने की कोशिश छोड़ देगा और इस मुद्दे पर 60 दिनों तक बातचीत चलेगी।
  • अमेरिका ईरान के कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात के लिए छूट देगा।

ओमान के विदेश मंत्री Sayyid Badr Al-Busaidi ने इस समझौते को डिप्लोमेसी की जीत बताया। उन्होंने कहा कि यह सही समय पर लिया गया सही फैसला है। उन्होंने इस काम में चीन की भूमिका की भी तारीफ की क्योंकि चीन ने तनाव कम करने में मदद की थी।

वहीं जर्मनी के विदेश मंत्री Johann Wadephul ने भी इस पहल का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यह मौका हाथ से नहीं जाना चाहिए। हालांकि, जर्मनी ने साफ किया है कि वह Strait of Hormuz की सुरक्षा के लिए किसी मिशन में तभी शामिल होगा जब उसे इस समझौते की पूरी जानकारी और शर्तें लिखित में मिलेंगी।

इस बड़े समझौते को करवाने में पाकिस्तान और कतर ने मुख्य भूमिका निभाई। इनके अलावा सऊदी अरब, मिस्र और तुर्की भी इस मध्यस्थता टीम का हिस्सा थे। चीन के विदेश मंत्री Wang Yi ने भी इस समझौते का स्वागत किया है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com