US-Iran Deal Update: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत शुरू, पाकिस्तान की भूमिका सिर्फ संदेशवाहक की, भारत ने किया शांति का समर्थन
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। रक्षा और विदेशी मामलों के विशेषज्ञ Sanjeev Srivastava ने कहा है कि भारत इस पूरे मुद्दे पर नजर बनाए हुए है। भारत ने हमेशा से ही शांति और बातचीत के रास्ते का समर्थन किया है ताकि तनाव को कम किया जा सके। इस बीच पाकिस्तान की भूमिका को लेकर भी अहम टिप्पणी की गई है जिसमें उसे केवल एक जरिया बताया गया है।
US-Iran बातचीत में पाकिस्तान की क्या भूमिका है?
विदेशी मामलों के विशेषज्ञ Sanjeev Srivastava ने बताया कि पाकिस्तान इस पूरी बातचीत में केवल एक संदेशवाहक की भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान का काम सिर्फ संदेशों को इधर से उधर पहुंचाना और बातचीत के लिए जगह उपलब्ध कराना है। Srivastava के अनुसार पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि इतनी मजबूत नहीं है कि वह इतनी बड़ी बातचीत के नतीजों को अपनी मर्जी से प्रभावित कर सके या कोई बड़ा फैसला ले सके।
भारत का इस पूरे मामले पर क्या रुख है?
भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली हर तरह की शांति प्रक्रिया और बातचीत का समर्थन किया है। भारत का मानना है कि किसी भी समस्या का समाधान केवल कूटनीति और शांतिपूर्ण तरीके से ही निकल सकता है। भारत ने हाल ही में हुए युद्धविराम के ऐलान का भी स्वागत किया है और वह शांति के प्रयासों को करीब से देख रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत का रुख इस मामले में बहुत स्पष्ट है और वह तनाव कम करने के पक्ष में है।
डोनाल्ड ट्रंप के बयान और बातचीत की मौजूदा स्थिति
इस बातचीत के दौरान पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के उस बयान का भी जिक्र हुआ जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता होता है तो वह इस्लामाबाद जा सकते हैं। हालांकि एक्सपर्ट्स का मानना है कि पाकिस्तान की हैसियत सिर्फ एक संदेश पहुंचाने वाले की है और वह हाई-स्टेक समझौतों को अपनी शर्तों पर तय करने की ताकत नहीं रखता है। 18 अप्रैल 2026 को जारी अपडेट के अनुसार भारत लगातार डायलॉग और शांतिपूर्ण बातचीत की वकालत कर रहा है।