फ्रांस के Évian-les-Bains में हो रहे G7 समिट के दौरान दुनिया को एक बड़ी खबर मिली है। अमेरिका और ईरान के बीच एक नए समझौते पर सहमति बनी है। इस मौके पर कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खास मुलाकात की और इस डील पर चर्चा की।
यह मुलाकात मंगलवार, 16 जून 2026 को हुई। डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच की यह डील अब पूरी तरह तैयार है। उन्होंने साफ किया कि इस समझौते का सबसे बड़ा मकसद यह पक्का करना है कि ईरान के पास परमाणु हथियार न हों। ट्रंप ने यह भी कहा कि शुक्रवार से हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पूरी तरह खुल जाएगा, जिससे समुद्री रास्ता आसान होगा।
राष्ट्रपति ट्रंप ने उन अफवाहों को खारिज कर दिया कि अमेरिका इस डील में पैसा लगा रहा है। हालांकि, खबरों के मुताबिक ईरान को पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर और उसकी जब्त की गई 25 अरब डॉलर की संपत्ति वापस मिल सकती है। ट्रंप ने इस संकट को संभालने में कतर की भूमिका की तारीफ की और अमेरिका में कतर के निवेश को सराहा।
कतर के अमीर शेख तमीम बिन हमद अल थानी ने इस समझौते का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह डील खाड़ी देशों और पूरे मध्य पूर्व में शांति लाने के लिए एक बड़ा कदम है। अमीर ने यह भी उम्मीद जताई कि कतर और अमेरिका के बीच व्यापार 1 ट्रिलियन डॉलर के पार चला जाएगा।
इस पूरे समझौते में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और कतर ने मध्यस्थ की अहम भूमिका निभाई। इस डील के तहत ईरान अब तेल और ईंधन बेचना शुरू कर सकेगा, बशर्ते वह शर्तों का पालन करे। इस समझौते पर औपचारिक हस्ताक्षर 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में किए जाएंगे।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| G7 समिट की तारीख | 15 से 17 जून 2026 |
| अमीर और ट्रंप की मुलाकात | 16 जून 2026 |
| डील साइन होने की तारीख | 19 जून 2026 |
| पुनर्निर्माण फंड (संभावित) | 300 अरब डॉलर |
| रिलीज होने वाली संपत्ति | 25 अरब डॉलर |
| कतर-अमेरिका व्यापार लक्ष्य | 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक |
G7 देशों के नेताओं ने इस कूटनीतिक सफलता की बधाई दी है। डील में यह भी बात सामने आई है कि इसराइल को लेबनान से अपनी सेना हटानी होगी। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस डील को समीक्षा के लिए अमेरिकी कांग्रेस के पास भेजने की बात भी कही है।