अमेरिका और ईरान के बीच हुए समझौते (MoU) के बाद अब कतर युद्ध को रोकने और इलाके में शांति लाने के लिए पूरी कोशिश कर रहा है। इस समझौते को क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक तरक्की के लिए एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न केवल देशों के बीच तनाव कम होगा बल्कि दुनिया भर में ऊर्जा और खाने-पीने की चीजों की सप्लाई में भी सुधार आएगा।

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अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले इस समझौते के आधिकारिक हस्ताक्षर शुक्रवार, 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में किए जाएंगे। कतर ने 15 जून को ही इस फैसले का स्वागत कर दिया था और इसे स्थायी शांति की दिशा में एक जरूरी कदम बताया था।

कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री H.E. Sheikh Mohammed bin Abdulrahman bin Jassim Al-Thani ने इस समझौते पर खुशी जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद बिन मोहम्मद अल-अंसारी ने बताया कि कतर, पाकिस्तान द्वारा की जा रही मध्यस्थता में मदद कर रहा है ताकि वाशिंगटन और तेहरान के बीच मतभेदों को दूर किया जा सके।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस शांति समझौते के साथ ही Strait of Hormuz को फिर से खोलने और नौसैनिक नाकाबंदी हटाने का ऐलान किया है। हालांकि, अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया है कि ईरान की जमी हुई संपत्ति तभी छोड़ी जाएगी जब वह समझौते की शर्तों को पूरा करेगा।

वहीं ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री काज़ेम गरीबबादी ने पुष्टि की है कि MoU तैयार हो चुका है और इसमें लेबनान में युद्ध खत्म करना एक अहम हिस्सा है। अब अगले 60 दिनों तक परमाणु कार्यक्रम, मिसाइल मुद्दों और प्रतिबंधों में ढील देने जैसे विषयों पर बातचीत होगी।

कतर का मुख्य फोकस Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाना है। इससे दुनिया भर में तेल और गैस की सप्लाई फिर से पटरी पर आएगी और वैश्विक बाजारों में दबाव कम होगा।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com