अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए बातचीत चल रही है, लेकिन अब यह आमने-सामने नहीं बल्कि दूर से होगी। पाकिस्तानी अधिकारियों के मुताबिक, जब तक दोनों देश किसी एक बात पर सहमत नहीं हो जाते, तब तक कोई मीटिंग नहीं होगी। इस बीच ट्रंप ने अपने खास दूतों का पाकिस्तान दौरा भी रद्द कर दिया है।

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US-Iran समझौते में अब क्या नया हुआ है?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अपने दूत Steve Witkoff और Jared Kushner का इस्लामाबाद दौरा रद्द कर दिया है। ट्रंप ने साफ कहा है कि अगर ईरान समझौता करना चाहता है, तो वह फोन के जरिए संपर्क कर सकता है। पाकिस्तानी अधिकारियों ने बताया कि जब तक दोनों पक्ष किसी बात पर सहमति नहीं बना लेते, तब तक बातचीत रिमोटली (दूर से) ही चलेगी। इस्लामाबाद ने पिछले कई हफ्तों से लागू सुरक्षा पाबंदियां भी हटा ली हैं, जिससे संकेत मिलता है कि फिलहाल आमने-सामने की मुलाकात की कोई उम्मीद नहीं है।

ईरान की शर्तें और रूस का साथ

ईरान ने अपनी कुछ मांगें रखी हैं जिन्हें पाकिस्तान के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araqchi ने इस मुद्दे पर रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin से भी मुलाकात की है ताकि उन्हें अपने प्रस्ताव पर समर्थन मिल सके। ईरान की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

  • Strait of Hormuz को तुरंत खोला जाए।
  • चल रहे युद्ध को खत्म किया जाए।
  • अमेरिका ईरान पर लगा आर्थिक नाकेबंदी (Blockade) हटाए।
  • परमाणु हथियारों पर बातचीत को बाद के चरण के लिए टाला जाए।

ट्रंप की शर्त और पाकिस्तान की भूमिका

अमेरिका की तरफ से Donald Trump ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा है कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए, वरना बातचीत करने का कोई कारण नहीं है। दूसरी तरफ, ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif को संदेश दिया है कि जब तक बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रहेगी, वे बातचीत नहीं करेंगे। इस पूरे मामले में पाकिस्तान के Field Marshal Asim Munir मध्यस्थता की कोशिशों का नेतृत्व कर रहे हैं।