अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए एक बड़े समझौते की तैयारी चल रही है. इस डील में लेबनान युद्ध को रोकने और Strait of Hormuz को फिर से खोलने जैसी अहम बातें शामिल हैं. हालांकि, इसी बीच एक ड्रोन हमले ने सबको चौंका दिया है जिसमें भारत के तीन नाविकों की जान चली गई है.

समझौते के ड्राफ्ट में क्या है खास

ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच एक Memorandum of Understanding (MoU) तैयार किया गया है. इस ड्राफ्ट में कई बड़े मुद्दों पर बात हुई है:

  • युद्ध की समाप्ति: लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध को तुरंत और हमेशा के लिए रोकने की बात कही गई है.
  • Strait of Hormuz: अमेरिकी नौसेना द्वारा लगाई गई नाकाबंदी को हटाने और इस समुद्री रास्ते को फिर से खोलने का प्रस्ताव है. ईरान इसे अपने मैनेजमेंट में रखना चाहता है.
  • पैसा और प्रतिबंध: ईरान की करीब 24 बिलियन डॉलर की जमी हुई संपत्ति वापस करने और तेल बेचने की अनुमति देने की बात है.
  • पुनर्निर्माण: अमेरिका और उसके साथी देशों द्वारा ईरान के पुनर्निर्माण के लिए कम से कम 300 बिलियन डॉलर की योजना पेश की जाएगी.
  • परमाणु कार्यक्रम: परमाणु कार्यक्रम और प्रतिबंधों पर अंतिम फैसला लेने के लिए 60 दिनों का समय तय किया गया है.

बयानों में विरोधाभास और विवाद

इस डील को लेकर अलग-अलग देशों के नेताओं की राय अलग है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने कहा कि शांति अब बहुत करीब है और एक अंतिम टेक्स्ट पर सहमति बन गई है. वहीं, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने भी कहा कि समझौता पहले से कहीं अधिक करीब है.

दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरानी मीडिया की रिपोर्टों को ‘फेक न्यूज’ और ‘अपमानजनक’ बताया है. उन्होंने कहा कि जो बातें मीडिया में चल रही हैं, वे लिखित समझौते से मेल नहीं खाती हैं. वहीं, इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने कहा कि वे ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकने के मुद्दे पर राष्ट्रपति Trump के साथ पूरी तरह सहमत हैं.

भारतीय नाविकों की मौत और ताजा हालात

तनाव के बीच एक दुखद घटना घटी है. Strait of Hormuz से निकलते समय भारतीय जहाजों पर ड्रोन हमला हुआ, जिसमें तीन भारतीय नाविकों की जान चली गई. राष्ट्रपति Donald Trump ने इस हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है.

वर्तमान स्थिति यह है कि US Central Command (CENTCOM) ने साफ किया है कि ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी अभी भी जारी है. वहीं, ईरानी सेना ने चेतावनी दी है कि बिना तालमेल के रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर कार्रवाई की जा सकती है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.