अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ एक बड़े समझौते का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि Strait of Hormuz से तेल के टैंकर फिर से गुजरना शुरू हो गए हैं। यह खबर पूरी दुनिया के लिए बड़ी राहत लेकर आई है क्योंकि 28 फरवरी 2026 से यह अहम समुद्री रास्ता काफी हद तक बंद था।

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समझौते की मुख्य बातें और तारीखें

अमेरिका और ईरान के बीच 14 जून 2026 को एक शुरुआती सहमति बनी थी ताकि दुश्मनी खत्म की जा सके और समुद्री रास्ते को फिर से खोला जा सके। अब इस समझौते पर औपचारिक तौर पर हस्ताक्षर 19 जून 2026 को स्विट्जरलैंड में होने की उम्मीद है।

President Donald Trump ने कहा कि यह डील पूरी हो चुकी है और उन्होंने Strait of Hormuz को बिना किसी टोल के खोलने और अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी को तुरंत हटाने का आदेश दिया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर लिखा कि तेल से भरे कई जहाज अब एक सुरक्षित ‘Southern Highway’ के जरिए बाहर निकल रहे हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि समुद्री माइन्स हटाने के काम की वजह से यह रास्ता पूरी तरह से शुक्रवार, 19 जून को ही खुलेगा।

ईरान और पाकिस्तान का क्या कहना है

ईरान के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर Kazem Gharibabadi ने सरकारी टीवी पर इस समझौते की पुष्टि की है। लेकिन उन्होंने साफ कहा कि ईरान इसे तब तक लागू नहीं करेगा जब तक कि इस पर साइन नहीं हो जाते। उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता दुश्मन पर भरोसे की वजह से नहीं बल्कि मजबूरी में किया गया है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने बताया कि दोनों देशों के बीच लंबी बातचीत के बाद यह फैसला हुआ है। इससे लेबनान समेत सभी मोर्चों पर मिलिट्री ऑपरेशन पूरी तरह बंद हो जाएंगे।

शिपिंग कंपनियों के लिए चेतावनी

International Maritime Organization (IMO) ने इस फैसले का स्वागत किया है और इसे शांति की ओर एक कदम बताया है। लेकिन Joint Maritime Information Center (JMIC) ने 15 जून को एक चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा है कि अमेरिकी नाकेबंदी 19 जून तक लागू रहेगी, इसलिए जहाज चलाने वालों को तब तक इंतजार करना चाहिए जब तक कि साफ निर्देश न मिलें। उन्होंने इस इलाके में खतरे के स्तर को अभी भी ‘SEVERE’ यानी बहुत गंभीर बताया है।

इजरायल और दुनिया का रिएक्शन

यूरोप के कई देशों जैसे फ्रांस, जर्मनी, इटली और ब्रिटेन ने इस समझौते का स्वागत किया है। लेकिन इजरायल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने साफ कर दिया है कि वे दक्षिण लेबनान में अपनी सेना को बनाए रखेंगे, भले ही समझौते में युद्धविराम की बात कही गई हो।

मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि ग्लोबल डिमांड को पूरा करने के लिए एनर्जी कंपनियों को फिर से काम शुरू करने में कुछ महीने लग सकते हैं और व्यापार पूरी तरह सामान्य होने में समय लगेगा।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.