US-Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अधूरी, 22 अप्रैल को खत्म होगी युद्धविराम की समय सीमा, तेल की कीमतों पर असर

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर खींचतान जारी है। 22 अप्रैल को दोनों देशों के बीच चल रहा युद्धविराम खत्म होने वाला है, लेकिन अभी तक कोई पक्का समझौता नहीं हो पाया है। इस तनाव की वजह से तेल की कीमतों और ग्लोबल मार्केट में हलचल मची हुई है, जिसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ सकता है।

अमेरिका की शर्तें क्या हैं और वह क्या चाहता है?

अमेरिका चाहता है कि ईरान परमाणु हथियार न बनाए और यूरेनियम का काम पूरी तरह बंद कर दे। राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि ईरान को 20 साल या हमेशा के लिए यूरेनियम संवर्धन रोकना होगा। साथ ही, अमेरिका ने मांग की है कि ईरान अपने पास मौजूद 450 किलो संवर्धित यूरेनियम को सौंप दे। अगर शर्तें नहीं मानी गईं, तो Trump ने ईरान के पुलों और पावर प्लांट जैसे बुनियादी ढांचे को तबाह करने की चेतावनी दी है।

ईरान का क्या कहना है और तनाव क्यों बढ़ रहा है?

ईरान ने अमेरिका की धमकियों के बीच बातचीत करने से इनकार किया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने उनके जहाज ‘Touska’ को जब्त करके समुद्री डकैती की है और इसे एक हमला बताया है। ईरान के मुख्य वार्ताकार Mohammad Bagher Ghalibaf ने साफ किया है कि वे दबाव में कोई समझौता नहीं करेंगे। ईरान चाहता है कि उन पर लगे प्रतिबंध हटें और उनके परमाणु कार्यक्रम में कोई रुकावट न आए।

बातचीत कहाँ होगी और क्या है ताजा स्थिति?

पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अगली बातचीत होने की उम्मीद है, जहाँ Field Marshal Asim Munir मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। अमेरिका की ओर से Vice President JD Vance के वहां पहुंचने की खबर है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने 21 अप्रैल को कहा कि उनके पास फिलहाल बातचीत की कोई योजना नहीं है क्योंकि अमेरिका लगातार उकसावे वाली हरकतें कर रहा है।

विवरण जानकारी
युद्धविराम खत्म होने की तारीख 22 अप्रैल 2026
अमेरिका की मुख्य मांग 20 साल तक यूरेनियम संवर्धन बंद करना
जब्त किया गया जहाज Touska (ईरानी जहाज)
बातचीत का संभावित स्थान इस्लामाबाद, पाकिस्तान
मुख्य मध्यस्थ Field Marshal Asim Munir (पाकिस्तान)
अमेरिका का रुख कठोर बातचीत की शैली (Hardline style)
ईरान का रुख धमकी के साये में बातचीत से इनकार