अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को लेकर एक चौंकाने वाला बयान दिया है। फ्रांस में हो रही G7 मीटिंग के दौरान ट्रंप ने कहा कि अगर इस इलाके के दूसरे देशों के पास बैलिस्टिक मिसाइल हैं, तो ईरान के पास इनका न होना गलत है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास कुछ मिसाइलें होनी चाहिए।

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इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच एक अहम समझौता हुआ है। राष्ट्रपति Trump और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने 17 जून 2026 को एक ‘मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग’ पर साइन किए हैं। इस समझौते के तहत ईरान युद्ध में 60 दिनों का ceasefire यानी युद्ध विराम करेगा। इस डील पर औपचारिक साइन शुक्रवार को Switzerland में होने की उम्मीद है।

इस समझौते में यह बात भी शामिल है कि ईरान अब खाड़ी (Gulf) और ओमान की खाड़ी में समुद्री यातायात को फिर से पहले जैसा सामान्य करेगा। साथ ही ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने का वादा किया है। G7 देशों ने इस फैसले का समर्थन किया है ताकि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोका जा सके और उसके मिसाइल खतरों को कम किया जा सके।

हालांकि, ट्रंप ने चेतावनी भी दी है कि यह कोई आखिरी समझौता नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर ईरान के नेताओं ने सही तरीके से व्यवहार नहीं किया, तो अमेरिका फिर से उन पर बमबारी शुरू कर देगा। दूसरी तरफ, फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी जैसे यूरोपीय देशों को यह डर है कि इस छोटे समझौते से ईरान के परमाणु और मिसाइल प्रोग्राम को और मजबूती मिल सकती है।

ट्रंप ने यह भी बताया कि वे ईरान की मिसाइलों और उनके द्वारा चलाए जाने वाले संगठनों के बारे में खाड़ी देशों (Gulf Nations) के साथ भी चर्चा करेंगे।