अमेरिका और ईरान के बीच एक बड़ा समझौता हुआ है। इस डील पर डिजिटल साइन रविवार को ही हो चुके हैं, लेकिन अब शुक्रवार को जेनेवा में एक औपचारिक कार्यक्रम होगा। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह इस प्रोग्राम में शामिल होंगे या नहीं, यह अभी तय नहीं है, लेकिन उपराष्ट्रपति JD Vance वहां जरूर रहेंगे।

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डोनाल्ड ट्रंप इस समय फ्रांस के Évian-les-Bains में 52वें G7 समिट में हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रोन के साथ बैठक के दौरान बताया कि उनका जेनेवा जाना इस बात पर निर्भर करेगा कि हालात कैसे रहते हैं। हालांकि, उन्होंने इस समझौते को एक बहुत शक्तिशाली दस्तावेज बताया है।

समझौते की मुख्य बातें

  • डिजिटल साइन: राष्ट्रपति ट्रंप, उपराष्ट्रपति JD Vance और ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद-बागेर गालिबाफ ने 14 जून को इस पर डिजिटल साइन किए थे।
  • Strait of Hormuz: ट्रंप ने ऐलान किया है कि शुक्रवार तक हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह खोल दिया जाएगा।
  • युद्धविराम: इस फ्रेमवर्क एग्रीमेंट के तहत 60 दिनों के लिए युद्धविराम (ceasefire) तय हुआ है।
  • पाबंदियां: उपराष्ट्रपति JD Vance ने कहा कि ईरान को कोई पैसा नहीं दिया गया है और पाबंदियों में ढील तभी मिलेगी जब ईरान शर्तों को पूरा करेगा।

इस पूरे मामले में पाकिस्तान ने एक मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटरेस ने इस डील की तारीफ करते हुए इसे एक बहुत अहम कदम बताया है।

वहीं ईरान के पहले उपराष्ट्रपति मोहम्मद रज़ा आरिफ ने कहा कि यह तो बस पहला कदम है। उन्होंने माना कि आने वाले समय में एक स्थायी समझौते के लिए बातचीत करना और भी चुनौतीपूर्ण होगा। इस समझौते का मकसद अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच युद्ध को खत्म करना और ईरान के परमाणु लक्ष्यों पर बातचीत का रास्ता खोलना है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.