अमेरिका और ईरान के बीच एक अहम समझौता हुआ है जिससे दुनिया भर में तनाव कम होने की उम्मीद है। राष्ट्रपति Donald Trump ने फ्रांस के Versailles में इस समझौते (MOU) पर हस्ताक्षर किए। इस डील के बाद Hormuz Strait को फिर से खोला जाएगा, जिससे आने वाले समय में तेल की कीमतों में गिरावट आ सकती है।
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समझौते की मुख्य तारीखें
- 14 जून 2026: अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance और ईरान के मुख्य वार्ताकार Mohammad Bagher Ghalibaf ने डिजिटल तरीके से इस पर साइन किए।
- 17 जून 2026: राष्ट्रपति Donald Trump ने Versailles में व्यक्तिगत रूप से हस्ताक्षर किए, जिसके बाद यह समझौता तुरंत लागू हो गया।
- 19 जून 2026: स्विट्जरलैंड में एक औपचारिक कार्यक्रम होगा, जिसमें उपराष्ट्रपति Vance अमेरिकी टीम का नेतृत्व करेंगे।
युद्ध और शांति पर क्या हुआ फैसला
इस समझौते के तहत अगले 60 दिनों के लिए युद्धविराम (ceasefire) किया गया है। इसी दौरान परमाणु समझौते और ईरान के पुनर्निर्माण के लिए बातचीत होगी। अमेरिका अगले 30 दिनों के भीतर अपनी नौसेना की नाकाबंदी को पूरी तरह खत्म कर देगा। साथ ही, लेबनान की संप्रभुता और अखंडता को बनाए रखने का भी प्रावधान किया गया है।
Hormuz Strait को फिर से खोल दिया जाएगा। पहले 60 दिनों तक यहाँ से गुजरने वाले जहाजों के लिए कोई टोल टैक्स नहीं लगेगा, लेकिन उसके बाद ईरान यहाँ फीस वसूल सकता है। ईरान ने यह भी साफ किया है कि वह परमाणु हथियार नहीं बनाएगा।
पैसे और प्रतिबंधों पर अपडेट
अमेरिका ईरान पर लगे कुछ बड़े प्रतिबंधों में ढील देगा, जिससे ईरान अपना तेल आसानी से बेच सकेगा। ईरान के आर्थिक विकास के लिए 300 अरब डॉलर के प्लान पर बात हुई है। हालांकि, राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका इसमें अपना पैसा नहीं लगाएगा और यह निवेश पूरी तरह स्वैच्छिक होगा।
नेताओं के बयान
फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने इस डील का स्वागत करते हुए इसे सही दिशा में एक बड़ा कदम बताया। दूसरी तरफ, राष्ट्रपति ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने ठीक से व्यवहार नहीं किया, तो अमेरिका फिर से हमला कर सकता है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कहा कि अब यह देखना होगा कि समझौते को असल में कैसे लागू किया जाता है।