अमेरिका और ईरान के बीच चल रही तनातनी और बातचीत को लेकर संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने एक बड़ा बयान दिया है। UAE के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गरगाश ने कहा है कि दोनों देशों के बीच समझौता होने की उम्मीद अब 50-50 प्रतिशत है। इस समझौते से होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का विवाद सुलझने की उम्मीद है। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी ईरान को लेकर सख्त रुख अपनाया है और शांति प्रस्ताव पर उसके जवाब का इंतजार कर रहे हैं।

UAE और अमेरिका ने ईरान को क्या दी चेतावनी?

UAE के राष्ट्रपति के सलाहकार अनवर गरगाश ने चेतावनी दी है कि ईरान को इस नाजुक समय पर अपनी ताकत का ज्यादा दिखावा नहीं करना चाहिए। उन्होंने साफ किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है और इस पर किसी भी देश का मनमाना नियंत्रण स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि होर्मुज में ईरान द्वारा टोल टैक्स या कोई चार्ज वसूलने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अमेरिकी प्रशासन ने साफ किया है कि उनका मुख्य लक्ष्य ईरान के अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम को सुरक्षित करना है।

ईरान का इस पूरे मामले पर क्या रुख है?

ईरान को अमेरिका की तरफ से नया शांति प्रस्ताव मिला है, जिस पर वह विचार कर रहा है। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, वे अपने समृद्ध यूरेनियम के स्टॉक को खुद ही कम (downblend) करना चाहते हैं, न कि उसे देश से बाहर भेजेंगे। इसी बीच ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में 31 जहाजों ने उनके साथ तालमेल बिठाकर होर्मुज जलडमरूमध्य को पार किया है। ईरान का कहना है कि जो भी जहाज बिना उनकी सेना की इजाजत के वहां से जाने की कोशिश करेगा, उस पर हमला किया जा सकता है।

पाकिस्तान की मध्यस्थता और ताइवान पर इसका असर

इस पूरी बातचीत में पाकिस्तान दोनों देशों के बीच मध्यस्थ (mediator) की भूमिका निभा रहा है। युद्ध विराम और सुरक्षा को लेकर एक मसौदा तैयार किया जा रहा है ताकि इस समुद्री रास्ते पर जहाजों की आवाजाही बिना किसी रोक-टोक के हो सके। इस तनातनी का असर अब वैश्विक स्तर पर भी दिखने लगा है। अमेरिका के कार्यवाहक नौसेना सचिव हंग काओ ने घोषणा की है कि अमेरिका ताइवान को होने वाली 14 अरब डॉलर की हथियारों की बिक्री को अस्थायी रूप से रोक रहा है, ताकि ईरान के साथ चल रहे इस संघर्ष के लिए पर्याप्त गोला-बारूद सुरक्षित रखा जा सके।

Frequently Asked Questions (FAQs)

होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर विवाद क्या है?

यह एक बेहद महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग है। ईरान इस पर अपना नियंत्रण स्थापित करने और जहाजों से टोल टैक्स वसूलने की कोशिश कर रहा है, जिसका अमेरिका और UAE कड़ा विरोध कर रहे हैं।

अमेरिका ने ताइवान को हथियारों की सप्लाई क्यों रोकी है?

अमेरिका ने ईरान के साथ चल रहे सैन्य टकराव (Operation Epic Fury) के लिए अपने पास पर्याप्त हथियार और गोला-बारूद सुरक्षित रखने के मकसद से ताइवान के साथ 14 अरब डॉलर के रक्षा सौदे को फिलहाल रोक दिया है।