ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत को लेकर एक बड़ा बयान सामने आया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने साफ तौर पर कहा है कि इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि अमेरिका किसी भी समझौते का सम्मान करेगा या उस पर टिका रहेगा। हालांकि दोनों देशों के बीच बातचीत के कई मुद्दों पर सहमति बन गई है, लेकिन अंतिम समझौता अभी जल्द होता नहीं दिख रहा है।

📰: Iran US Deal: ईरान और अमेरिका के बीच समझौते का रास्ता साफ, पाकिस्तान और ओमान की मध्यस्थता से खत्म होगी जंग

ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत में क्या हैं बड़ी बाधाएं?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि बातचीत का मुख्य ध्यान इस समय युद्ध को समाप्त करने पर है। इस चरण में परमाणु मुद्दे पर चर्चा नहीं हो रही है। बातचीत में कुछ मुख्य अड़चनें सामने आई हैं:

  • फ्रीज की गई संपत्ति की वापसी: ईरान अपनी रोकी गई संपत्ति की बहाली और युद्ध के नुकसान की भरपाई की मांग कर रहा है।
  • अमेरिका की सख्त नीति: अमेरिका ने संकेत दिया है कि जब तक परमाणु मुद्दे का समाधान नहीं होता, तब तक ईरान की रोकी गई संपत्ति जारी नहीं की जाएगी।
  • लेबनान संघर्ष: बातचीत में लेबनान के संघर्ष को समाप्त करने का प्रावधान शामिल है, लेकिन इसके प्रारूप को लेकर अभी भी मतभेद बने हुए हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और अन्य नेताओं का क्या है रुख?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी टीम को निर्देश दिया है कि वे समझौते के लिए जल्दबाजी न करें। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि जब तक कोई समझौता पूरी तरह से हस्ताक्षरित और प्रमाणित नहीं हो जाता, तब तक ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी जारी रहेगी। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी ट्रंप के इस रुख का समर्थन किया है कि अंतिम समझौते में ईरान के परमाणु खतरे को पूरी तरह समाप्त किया जाना चाहिए।

इस पूरी बातचीत में पाकिस्तान और कुछ अन्य देश मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को धीरे-धीरे खोलने और वहां से समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाने का प्रस्ताव भी शामिल है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान और अमेरिका के बीच समझौता जल्द होने वाला है?

ईरान के विदेश मंत्रालय के अनुसार, हालांकि बातचीत के एक बड़े हिस्से के ढांचे पर सहमति बन गई है, लेकिन कोई अंतिम समझौता अभी जल्द होने की उम्मीद नहीं है।

इस बातचीत में कौन से देश मध्यस्थता कर रहे हैं?

ईरान और अमेरिका के बीच इस शांति वार्ता और समझौते के प्रयासों में पाकिस्तान और अन्य देश मध्यस्थता की भूमिका निभा रहे हैं।