अमेरिका और ईरान में डील की चर्चा, व्हाइट हाउस ने जताया भरोसा, पर ट्रंप ने दी हमले की चेतावनी

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के बीच एक बड़ी खबर आई है। व्हाइट हाउस ने कहा है कि वे ईरान के साथ एक अच्छे समझौते के करीब हैं। हालांकि, जमीन पर हालात काफी उलझे हुए हैं क्योंकि दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है और समय तेजी से निकल रहा है।

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या चेतावनी दी है?

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि वे किसी दबाव में नहीं हैं, लेकिन जल्द ही एक समझौता होने की उम्मीद है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर समय पर डील नहीं हुई, तो वे ईरान के सभी पावर प्लांट और पुलों पर हमला कर सकते हैं। ट्रंप चाहते हैं कि यह नया समझौता 2015 के पुराने समझौते (JCPOA) से कहीं बेहतर हो। उन्होंने यह भी कहा कि ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी तभी खत्म होगी जब एक फाइनल शांति समझौता हो जाएगा।

ईरान का क्या कहना है और क्या हुआ विवाद?

ईरान ने धमकी के साये में बातचीत करने से साफ इनकार कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका की हरकतों की वजह से फिलहाल बातचीत की कोई योजना नहीं है। हाल ही में अमेरिकी जहाजों ने ईरान के एक जहाज को जब्त किया, जिसे ईरान ने समुद्री डकैती बताया और जवाब में ड्रोन भेजे। ईरान का कहना है कि वे यूरेनियम ट्रांसफर करने के किसी भी वादे को नहीं मानेंगे क्योंकि यह उनके लिए पवित्र है।

डील और तनाव से जुड़ी मुख्य बातें

विषय विवरण
सीजफायर की समय सीमा 21 या 22 अप्रैल 2026 तक
मध्यस्थ देश पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की
अमेरिकी प्रतिनिधि JD Vance, Steve Witkoff, Jared Kushner
मुख्य विवाद ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकाबंदी
ईरान की मांग नाकाबंदी खत्म होने तक बातचीत नहीं
फ्रांस की भूमिका राष्ट्रपति मैक्रों ने तनाव कम करने की अपील की
विवादास्पद मुद्दा समृद्ध यूरेनियम का ट्रांसफर