अमेरिका और ईरान ने स्विट्जरलैंड में हुई बातचीत के बाद एक बड़ा फैसला लिया है। दोनों देशों ने लेबनान को लेकर बढ़ रहे तनाव को कम करने के लिए एक ‘डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल’ बनाने पर सहमति जताई है। इस कदम का मुख्य मकसद क्षेत्र में मिलिट्री ऑपरेशन्स को रोकना और शांति बनाए रखना है।
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कतर और पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को एक संयुक्त बयान जारी किया। इस बयान के मुताबिक, इस सेल को कतर और पाकिस्तान जैसे मध्यस्थ देशों की मदद से चलाया जाएगा। इसमें अमेरिका और ईरान के साथ लेबनान भी शामिल रहेगा।
यह पूरा फैसला एक समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत लिया गया है। इस सेल का काम यह सुनिश्चित करना होगा कि क्षेत्र में मिलिट्री ऑपरेशन्स को बंद करने के नियमों का पूरी तरह पालन हो और कोई भी देश नियमों का उल्लंघन न करे।
