अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को कम करने के लिए कतर और जर्मनी ने हाथ मिलाया है। दोहा में हुई एक खास बैठक में दोनों देशों ने इस बात पर चर्चा की कि कैसे अमेरिका और ईरान के बीच झगड़े को खत्म किया जाए। इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान भी एक मुख्य मध्यस्थ के रूप में अहम भूमिका निभा रहा है।

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शांति प्रस्ताव में क्या है और पाकिस्तान का क्या रोल है?

ईरान ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव का जवाब पाकिस्तान के जरिए भेजा है। इस बातचीत का पहला मकसद फिलहाल युद्ध और हिंसा को रोकना है। खबरों के मुताबिक, एक 14-सूत्रीय रोडमैप या समझौता तैयार किया गया है। इस प्रस्ताव में यह बात सामने आई है कि ईरान होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अपनी सैन्य मौजूदगी कम करेगा, जिसके बदले में अमेरिका 30 दिनों के लिए ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी हटाएगा ताकि बातचीत आगे बढ़ सके।

कतर की मध्यस्थता और जहाजों की आवाजाही का अपडेट

कतर इस विवाद को सुलझाने में एक पुल का काम कर रहा है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio और विशेष दूत Steve Witkoff ने मियामी में कतर के प्रधानमंत्री मोहम्मद बिन अब्दुल रहमान अल थानी से मुलाकात की। वहीं, कतर के प्रधानमंत्री ने पाकिस्तान और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची से भी फोन पर बात की। उन्होंने साफ कहा कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य को दबाव बनाने के हथियार के तौर पर इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। एक सकारात्मक कदम के तौर पर, ईरान ने कतरी गैस टैंकर ‘अल खराईतियत’ को जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी, जो युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार हुआ है।

क्या अब भी खतरा है? ड्रोन हमलों की जानकारी

शांति की कोशिशों के बीच हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। हाल ही में कतर के तट के पास एक कार्गो जहाज पर ड्रोन हमला हुआ और कुवैत व UAE ने भी ड्रोन घुसपैठ को नाकाम किया है। वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपना रुख साफ रखा है कि वह ईरान को यूरेनियम समृद्ध करने की इजाजत नहीं देंगे। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने भी चेतावनी दी है कि अगर उन पर हमला हुआ, तो वे अमेरिकी ठिकानों और जहाजों पर भारी हमला करेंगे।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच शांति के लिए कौन से देश मदद कर रहे हैं?

इस मामले में कतर और पाकिस्तान मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं, जबकि जर्मनी भी तनाव कम करने के प्रयासों में शामिल है।

शांति प्रस्ताव के तहत होर्मुज़ जलडमरूमध्य के लिए क्या तय हुआ है?

प्रस्ताव के अनुसार, ईरान अपनी सैन्य उपस्थिति कम करेगा और इसके बदले अमेरिका 30 दिनों के लिए ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी हटा देगा।