अमेरिका और ईरान के बीच शांति की कोशिशें नाकाम होती दिख रही हैं। ईरानी मीडिया के मुताबिक, अमेरिका ने शांति प्रस्ताव के बदले कोई बड़ी रियायत नहीं दी है। इससे दोनों देशों के बीच बातचीत पूरी तरह अटक गई है और तनाव और बढ़ गया है।

ईरान की मांगें और अमेरिका का जवाब क्या था

ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए एक योजना पेश की थी, जिसमें उसने कुछ प्रमुख मांगें रखी थीं। दूसरी तरफ अमेरिका ने अपनी शर्तों की एक लिस्ट भेजी, जिससे मामला और उलझ गया।

  • ईरान की मांगें: सभी मोर्चों पर युद्ध बंद हो, लेबनान में इसराइल का हमला रुके, 13 अप्रैल से लगी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटे और विदेश में जमा संपत्ति वापस मिले।
  • अमेरिका की शर्तें: ईरान सिर्फ एक परमाणु साइट चलाए, अपना यूरेनियम अमेरिका को सौंपे और संपत्ति की वापसी से साफ मना कर दिया।
  • शर्तों का टकराव: अमेरिका ने कहा कि पहले बातचीत शुरू हो, उसके बाद ही युद्ध रोकने पर विचार किया जाएगा।

क्या दोबारा शुरू हो सकता है हमला

बातचीत बंद होने के बाद अब फिर से हमले की आशंका बढ़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के प्रस्तावों को खारिज कर दिया है, जबकि ईरानी सेना ने चेतावनी दी है कि हमला न किया जाए।

  • ईरानी सेना की चेतावनी: प्रवक्ता Abolfazl Shekarchi ने राष्ट्रपति Trump को ईरान पर फिर से हमले न करने की चेतावनी दी है।
  • Operation Epic Fury 2.0: ऐसी खबरें हैं कि अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) इस ऑपरेशन की तैयारी कर रहा है और इसराइल के साथ सैन्य विकल्पों पर चर्चा चल रही है।
  • भरोसे की कमी: ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी सबसे बड़ी रुकावट है और अमेरिका के संदेशों में विरोधाभास है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच यह युद्ध कब शुरू हुआ था

रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था।

अमेरिका ने ईरान की संपत्ति लौटाने पर क्या कहा

अमेरिका ने साफ कर दिया है कि वह ईरान की जमा संपत्ति का 25 प्रतिशत हिस्सा भी नहीं लौटाएगा और न ही युद्ध के नुकसान का कोई मुआवजा देगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.