अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए राजनयिक कोशिशें जारी हैं। हाल ही में कतर की राजधानी दोहा में हाई-लेवल मीटिंग हुई है। हालांकि दोनों देशों के बड़े अधिकारी सीधे तौर पर नहीं मिले, लेकिन मध्यस्थों के जरिए बातचीत का रास्ता खुला हुआ है।

जानकारी के मुताबिक, 1 जुलाई 2026 को अमेरिका के विशेष दूत Steve Witkoff और Jared Kushner दोहा पहुंचे। वहां उन्होंने कतरी अधिकारियों और मध्यस्थों के साथ तकनीकी चर्चा की। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने साफ किया कि फिलहाल अमेरिकी पक्ष के साथ किसी भी स्तर पर सीधी मुलाकात की कोई योजना नहीं है।

ईरान ने रखी अपनी शर्तें

ईरान के संसद स्पीकर और मुख्य वार्ताकार Mohammad Bagher Ghalibaf ने कहा कि कूटनीति संघर्ष का एक तरीका है, इसका मतलब कमजोरी या अमेरिका से दोस्ती नहीं है। उन्होंने साफ किया कि जब तक पहले से साइन किए गए 14-पॉइंट MoU (समझौता ज्ञापन) की शर्तें पूरी नहीं होतीं, ईरान आगे की बातचीत नहीं करेगा।

ईरान ने मुख्य रूप से इन मांगों पर जोर दिया है:

  • लेबनान में सैन्य संघर्ष का पूरी तरह खत्म होना।
  • 호르무즈 Strait (होर्मुज़ जलडमरूमध्य) में अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी हटाना।
  • व्यापारिक जहाजों के लिए सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करना।
  • ईरानी कच्चे तेल के निर्यात के लिए छूट मिलना।
  • ईरान की फ्रीज की गई संपत्ति को वापस करना।

अमेरिका का रुख और सैन्य विकल्प

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि वह कूटनीतिक समाधान चाहते हैं, लेकिन अगर बातचीत नाकाम रही तो उनके पास सैन्य विकल्प भी मौजूद हैं। उन्होंने परमाणु समझौते के लिए 18 अगस्त की समय सीमा को आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं। वहीं, उपराष्ट्रपति JD Vance ने दावा किया कि अमेरिका मजबूत स्थिति में है क्योंकि ईरान की सैन्य क्षमता काफी कम हो चुकी है।

Strait of Hormuz और सैन्य स्थिति

Strait of Hormuz को लेकर दोनों देशों में खींचतान जारी है। ईरान ने इस जलमार्ग पर अपनी संप्रभुता का दावा किया है और संकेत दिया है कि अगस्त के मध्य के बाद यहां से गुजरने वाले जहाजों पर टोल टैक्स लगाया जा सकता है। दूसरी तरफ, अमेरिका ने इसे रोकने की बात कही है।

फिलहाल, सैन्य टकराव को रोकने के लिए अमेरिका के CENTCOM और ईरान के IRGC के बीच एक सीधा संचार चैनल बनाया गया है। दोनों पक्ष फिलहाल सैन्य कार्रवाई को रोकने पर सहमत हुए हैं, हालांकि ईरान ने हाल ही में हुए अमेरिकी हमलों को समझौते का उल्लंघन बताया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.