अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत Mike Waltz ने कहा है कि राष्ट्रपति Donald Trump ईरान के साथ बातचीत के रास्ते को प्राथमिकता दे रहे हैं। 26 जुलाई 2026 तक की रिपोर्ट के मुताबिक, वाशिंगटन और तेहरान दोनों ने पाकिस्तान और कतर के मध्यस्थों के जरिए बातचीत के लिए अपनी सहमति जताई है ताकि हालिया विवादों को खत्म किया जा सके।

कूटनीति और चेतावनी का मिला-जुला रुख

व्हाइट हाउस के संचार निदेशक Steven Cheung ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रपति ट्रम्प बातचीत के पक्ष में हैं, लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि सभी विकल्प खुले हैं। यह चेतावनी विशेष रूप से तब दी गई है जब ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में या अमेरिकी सहयोगियों के खिलाफ किसी तरह की आतंकवादी गतिविधि में शामिल होता है।

खुद राष्ट्रपति Donald Trump ने 25 जुलाई को संकेत दिया था कि उन्होंने अभी किसी बड़े हमले का फैसला नहीं लिया है क्योंकि तेहरान अब बातचीत को लेकर अधिक गंभीर दिखाई दे रहा है। इसके पहले 14 जून 2026 को भी यह बात सामने आई थी कि ट्रम्प शांति समझौते के शुरुआती ढांचे पर हस्ताक्षर करने के लिए तैयार हैं। हाउस फॉरेन अफेयर्स कमेटी के सामने 22 जुलाई को राजदूत Mike Waltz ने जोर देकर कहा कि हमें शांति का मौका देना चाहिए और ईरान के साथ बातचीत की कोशिश जारी रखनी चाहिए। फिलहाल, दोनों देशों के बीच हालिया हमलों का दौर रुक गया है और कूटनीतिक कोशिशों पर जोर दिया जा रहा है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.