अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे तनाव को खत्म करने के लिए अब चीन ने मोर्चा संभाला है. चीन ने साफ कहा है कि दोनों देशों को बातचीत के जरिए अपना विवाद सुलझाना चाहिए. यह बात ऐसे समय में आई है जब अमेरिका ने ईरान के साथ युद्धविराम (ceasefire) की समयसीमा को आगे बढ़ा दिया है और दुनिया की नजरें इस क्षेत्र की शांति पर टिकी हैं.

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चीन ने अमेरिका और ईरान के लिए क्या अपील की है?

चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने 22 अप्रैल 2026 को कहा कि अभी स्थिति बहुत नाजुक है और दुनिया युद्ध और शांति के बीच के दौर से गुजर रही है. उन्होंने सभी पक्षों से अपील की कि वे फिर से लड़ाई शुरू होने से रोकें. चीन चाहता है कि इस विवाद को राजनीतिक और डिप्लोमैटिक तरीकों से सुलझाया जाए ताकि मिडिल ईस्ट और खाड़ी देशों में स्थिरता बनी रहे.

शांति बनाए रखने के लिए चीन के क्या सुझाव हैं?

चीन ने शांति के लिए चार बड़े पॉइंट्स वाला एक प्रस्ताव रखा है. इसमें शांति से साथ रहने, देशों की संप्रभुता का सम्मान करने और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की बात कही गई है. इससे पहले 17 अप्रैल को विदेश मंत्री वांग यी ने भी कहा था कि सबसे जरूरी यह है कि अमेरिका और ईरान फिर से बातचीत की मेज पर लौटें. चीन ने पाकिस्तान की मध्यस्थता की भी तारीफ की है जिसने युद्धविराम में मदद की.

क्या अभी भी युद्ध का खतरा बना हुआ है?

एक तरफ जहां अमेरिका और ईरान ने युद्धविराम को आगे बढ़ाया है और ईरानी प्रवक्ता इस्माइल बग़ाई ने इसकी पुष्टि की है, वहीं दूसरी तरफ खतरा कम नहीं हुआ है. 22 अप्रैल को हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में दो जहाजों पर फायरिंग की खबर आई है, जिससे शांति बातचीत में दिक्कत आ सकती है. वहीं ईरान ने संकेत दिया है कि जब तक लेबनान में इजरायल की बमबारी नहीं रुकती, वह बातचीत में शामिल नहीं होगा.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com