US और ईरान के बीच बढ़ा तनाव, अमेरिकी युद्धपोतों पर ईरान ने दागे ड्रोन, कमर्शियल शिप ‘Toska’ को लेकर मचा बवाल

Sea of Oman में अमेरिका और ईरान के बीच माहौल काफी गरम हो गया है। ईरान ने अमेरिकी युद्धपोतों की तरफ ड्रोन भेजे हैं। यह हमला अमेरिका द्वारा ईरान के एक कमर्शियल जहाज ‘Toska’ पर किए गए हमले के जवाब में किया गया। दोनों देशों के बीच इस घटना को लेकर भारी बहस चल रही है और तनाव बढ़ गया है।

ईरान के जहाज ‘Toska’ के साथ क्या हुआ?

19 अप्रैल 2026 को अमेरिकी सेना ने ओमान के समुद्र में ईरान के कमर्शियल जहाज ‘Toska’ को रोका। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कहना है कि यह जहाज नेवल ब्लॉकेड का उल्लंघन कर रहा था। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि जहाज के चालक दल ने चेतावनी नहीं मानी, इसलिए USS Spruance ने उसके इंजन रूम में गोले दागे। अब इस जहाज और इसके चालक दल पर अमेरिकी मरीन का कब्जा है।

ईरान ने क्यों दागे ड्रोन और क्या कहा?

ईरान ने अमेरिका की इस कार्रवाई को समुद्री डकैती करार दिया है। ईरान के मुताबिक, अमेरिका ने 8 अप्रैल 2026 को हुए युद्धविराम के समझौते को तोड़ा है। इसके जवाब में ईरानी सेना ने अमेरिकी युद्धपोतों पर ड्रोन से हमला किया। ईरान के रिवोल्यूशन गार्ड्स (IRGC) का दावा है कि उनके जवाबी हमले और मौके पर तेजी से पहुंच के बाद अमेरिकी सेना को वहां से पीछे हटना पड़ा।

संयुक्त राष्ट्र में ईरान की शिकायत और असर

21 अप्रैल 2026 को ईरान ने संयुक्त राष्ट्र (UN) में इस मामले की आधिकारिक शिकायत दर्ज की। ईरान ने मांग की है कि जहाज और उसके चालक दल को तुरंत और बिना शर्त रिहा किया जाए। ईरान का कहना है कि अमेरिका की यह हरकत अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन है और इससे पूरे इलाके की शांति खतरे में पड़ सकती है। इस तनाव का असर खाड़ी देशों और वहां से गुजरने वाले जहाजों पर पड़ सकता है।