अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। Strait of Hormuz में अमेरिकी सेना ने ईरान के दो ड्रोन्स को मार गिराया है। इस तनाव के कारण समुद्री रास्तों और आसपास के देशों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
अमेरिका ने गिराए ईरान के ड्रोन
एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने 12 जून 2026 को बताया कि अमेरिकी सेना ने ईरान के दो ड्रोन्स को मार गिराया। यह कार्रवाई तब हुई जब ईरान ने Strait of Hormuz में व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाने की कोशिश की। अमेरिकी अधिकारी ने यह भी कहा कि समुद्री यातायात अभी भी जारी है। इससे पहले 7 जून 2026 को भी CENTCOM ने दो ईरानी अटैक ड्रोन्स को गिराने की खबर दी थी।
ईरान के हमले और अमेरिका की जवाबी कार्रवाई
तनाव इतना बढ़ गया कि 12 जून 2026 को अमेरिकी सेना ने ईरान के अंदर कई ठिकानों पर हमले किए। इन हमलों में ईरान के सैन्य निगरानी सिस्टम, संचार प्रणाली और एयर डिफेंस साइट्स को निशाना बनाया गया। US Central Command (CENTCOM) ने कहा कि ये ठिकाने अमेरिकी सैनिकों और व्यावसायिक जहाजों के लिए सीधा खतरा थे।
दूसरी ओर, 11 जून 2026 को ईरान की IRGC ने दावा किया कि उन्होंने Bahrain, Kuwait और Jordan में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए हैं।
समुद्री रास्ते पर विवाद
11 जून 2026 को ईरान की सैन्य कमान ने ऐलान किया कि Strait of Hormuz अब सभी जहाजों और तेल टैंकरों के लिए बंद है। ईरान ने चेतावनी दी कि जो भी जहाज वहां से गुजरेगा, उसे निशाना बनाया जाएगा। हालांकि, अमेरिकी सेना (CENTCOM) ने इस दावे को गलत बताया और कहा कि व्यावसायिक जहाज अभी भी वहां से आ-जा रहे हैं।
खबरों के मुताबिक, 12 जून को ईरानी सेना ने एक टैंकर को बिना तालमेल के रास्ता पार करने से रोका। चेतावनी मिलने के बाद टैंकर ने रास्ता बदल लिया, जिसके बाद Sirik के पास धमाकों की आवाजें सुनी गईं।
डोनाल्ड ट्रंप का कड़ा रुख
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 11 जून 2026 को कहा कि ईरान पर किए गए हमले जरूरी थे। उन्होंने बताया कि ईरान के साथ बातचीत में कोई प्रगति नहीं हो रही थी, इसलिए यह कदम उठाया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ, तो अमेरिका आगे भी ऐसी कार्रवाई कर सकता है।
