अमेरिका और इजरायल अब ईरान के खिलाफ सिर्फ मिसाइलों से नहीं बल्कि पैसों और व्यापार की जंग लड़ रहे हैं. इस आर्थिक लड़ाई का असर अब पूरी दुनिया पर पड़ रहा है. होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) जैसे अहम रास्तों पर तनाव बढ़ गया है, जिससे जहाजों और तेल की सप्लाई पर खतरा मंडरा रहा है.

Strait of Hormuz में क्या हो रहा है और इसका असर क्या होगा?

ईरान ने साफ कह दिया है कि जब तक अमेरिका युद्धविराम (ceasefire) की शर्तों को नहीं मानेगा, तब तक Strait of Hormuz को खोलना नामुमकिन है. 23 अप्रैल 2026 को ईरान ने इस रास्ते पर तीन जहाजों पर हमला किया और उनमें से दो को अपने कब्जे में ले लिया. यह रास्ता दुनिया के तेल व्यापार के लिए सबसे जरूरी है, इसलिए यहां किसी भी तरह की रुकावट से पूरी दुनिया में तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं. ईरान के संसद स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबाफ ने कहा कि विरोधी ताकतें समुद्री नाकेबंदी कर रही हैं.

अमेरिका और इजरायल ने ईरान को आर्थिक रूप से कैसे घेरा?

  • अमेरिकी कार्रवाई: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने युद्धविराम तो बढ़ा दिया, लेकिन ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी जारी रखी है. अमेरिकी सेना ने हिंद महासागर में ‘Majestic X’ नाम के तेल टैंकर को जब्त किया है ताकि ईरान को मिलने वाली मदद रोकी जा सके.
  • इजरायल का एक्शन: प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि इजरायल ईरान की IRGC के पैसों के मशीन को खत्म कर रहा है और उनकी फैक्ट्रियों को नष्ट किया जा रहा है.
  • बैंकिंग प्रतिबंध: अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने चीन के दो बैंकों को चेतावनी दी है कि अगर उन्होंने ईरान से जुड़े काम किए तो उन पर प्रतिबंध लग सकते हैं.

शांति की कोशिशें और मौजूदा स्थिति क्या है?

पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच शांति बातचीत के लिए मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है. ब्रिटेन के विदेश सचिव ने भी दो हफ्ते के युद्धविराम का स्वागत किया है और ईरान से अपील की है कि वह व्यापारिक जहाजों का रास्ता न रोके. दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाक़ाई ने संकेत दिया है कि वह तभी बातचीत करेगा जब हालात सही और वाजिब होंगे. वहीं, ईरान की तस्नीम न्यूज़ एजेंसी ने खबर दी है कि अमेरिका शायद बंदरगाहों की नाकेबंदी खत्म करने के लिए तैयार है.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.