मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए कतर और जॉर्डन भी सक्रिय हो गए हैं। पाकिस्तान इस पूरे विवाद को सुलझाने के लिए मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। दोनों देशों के बीच तनाव को खत्म करने की कोशिशों पर कतर और जॉर्डन के नेताओं ने आपस में विशेष चर्चा की है। इस बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर भी महत्वपूर्ण वार्ता के लिए तेहरान पहुंच चुके हैं ताकि इस क्षेत्रीय तनाव को जल्द से जल्द खत्म किया जा सके।

ℹ: UAE सरकार का बड़ा फैसला, अब परिवारों को बिजनेस शुरू करने के लिए मिलेगी सरकारी मदद, जानें कैसे उठाएं फायदा.

क्या है अमेरिका और ईरान के बीच विवाद की मुख्य वजह?

अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने बातचीत में मामूली प्रगति होने की बात स्वीकार की है, लेकिन साथ ही उन्होंने सचेत भी किया है कि दोनों पक्षों के बीच अभी भी बड़े मतभेद बने हुए हैं। अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान के अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को अपने नियंत्रण में लेना और Strait of Hormuz को व्यापार के लिए खुला रखना है। वहीं ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने साफ कहा है कि वे यूरेनियम सौंपने की अमेरिकी मांग को कभी स्वीकार नहीं करेंगे। ईरान का मानना है कि अमेरिका की अत्यधिक मांगें ही इस शांति समझौते में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई हैं।

पाकिस्तान और कतर की मध्यस्थता से सुलझेगा विवाद?

इस तनाव को शांत करने के लिए पाकिस्तान सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख, फील्ड मार्शल Asim Munir, 23 मई 2026 को ईरान की राजधानी तेहरान पहुंचे हैं। इसके साथ ही कतर भी इस बातचीत में पाकिस्तान का पूरा समर्थन कर रहा है और कतर की एक प्रतिनिधि टीम भी तेहरान में डेरा डाले हुए है। कतर के प्रधानमंत्री ने तुर्की, सऊदी अरब और जॉर्डन के नेताओं के साथ इस मध्यस्थता प्रयासों पर विस्तार से बात की है ताकि खाड़ी क्षेत्र में शांति बहाल की जा सके।

तनाव के बीच ईरान ने उड़ानों पर लगाया प्रतिबंध

बातचीत की कोशिशों के बीच जमीन पर तनाव कम नहीं हुआ है। ईरान ने सुरक्षा कारणों से पश्चिमी तेहरान उड़ान क्षेत्र के तहत आने वाले हवाई अड्डों को 25 मई तक के लिए बंद कर दिया है। दूसरी तरफ, खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सेना पूरी तरह हाई अलर्ट पर काम कर रही है और ईरानी बंदरगाहों की कड़ी निगरानी की जा रही है। अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि ईरान समझौते पर सहमत नहीं होता है, तो अमेरिका अन्य विकल्पों पर भी विचार कर सकता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच समझौते में मुख्य बाधा क्या है?

ईरान के अनुसार अमेरिका की अत्यधिक मांगें और यूरेनियम सौंपने की शर्त बातचीत में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है, जिसे ईरान ने पूरी तरह खारिज कर दिया है।

इस शांति वार्ता में पाकिस्तान और कतर की क्या भूमिका है?

पाकिस्तान इस बातचीत में मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जबकि कतर की टीम तेहरान में मौजूद रहकर और पड़ोसी देशों से समन्वय बनाकर इस प्रयास को मजबूत कर रही है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com